डीडीहाट (पिथौरागढ़)। वन रेंज डीडीहाट क्षेत्र में कई हेक्टेयर बांज के जंगल पहली बार आग से धधक रहे हैं। इन जंगलों में लगी आग से वन्य संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है।
डीडीहाट वन क्षेत्र के भनड़ा, चिरकटिया, ननपापू, कांडे बरला, धौलेत में चौड़ी पत्ती प्रजाति का जंगल है। इन गांवों की वन पंचायतों में अधिकतर बांज के पेड़ हैं। पिछले साल तक बारिश होने पर इन वनों में नमी बनी रहती थी। इससे आग लगने की घटनाएं कम होती थीं। इस बार बांज के यह जंगल भी आग से धधक रहे हैं। जंगलों में भीषण आग लगी है। वृक्ष मित्र कुंवर दामोदर राठौर के विकसित ननपापू के जंगल भी आग की चपेट में आ गए हैं। डीडीहाट के वन रेंजर बीएस अल्मिया ने बताया कि बांज के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही हैं।
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जंगलों में आग से बढ़ रही सांस के मरीजों की समस्या
डीडीहाट। एक सप्ताह से डीडीहाट के कई हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आने से पूरे क्षेत्र में धुंध छाई हुई है। इससे अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सीएचसी डीडीहाट के डॉ. बीएस मेहरा ने बताया कि जंगलों में लगी आग के कारण अस्थमा और आंखों में जलन वाले मरीजों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। रोज 40 से 50 मरीज सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन वाले अस्पताल आ रहे हैं। संवाद
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वनों को आग से बचाने में सहभागी बनें ग्रामीण
टनकपुर (चंपावत)। दोगाड़ी वन रेंज की ओर से ग्रामीणों को वनाग्नि नियंत्रण और रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया। ग्रामीणों से वनाग्नि काल में सहयोग की अपील की गई।
शुक्रवार को रेंजर आरसी जोशी के दिशा निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वनों का पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान है। ग्रामीणों से वन और वन्य जीवों को सुरक्षित रखने में सहभागी बनने पर जोर दिया गया। इस मौके पर वन दरोगा चंद्रशेखर सकलानी, ओम प्रकाश, वन आरक्षी रवि कुमार, रोहित मेहता, हिमानी रावत, बसंती देवी और अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद