पिथौरागढ़। अब सीमांत जिले के लोगों को बगैर चीरा-टांके के दूरबीन विधि से ऑपरेशन के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिला अस्पताल में जल्द ही दूरबीन विधि से ऑपरेशन शुरू होंगे। अस्पताल के लिए लैप्रोस्कोपी मशीन की स्वीकृति मिली है और इसकी खरीद के लिए टेंडर हो चुके हैं।
जिला अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल में भी मरीजों का चीरा और टांका लगाकर ऑपरेशन किया जाता है। दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को मैदानी क्षेत्रों के बड़े अस्पतालों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अब यहां आधुनिक तकनीक से मरीजों के ऑपरेशन होंगे और उन्हें मैदानी क्षेत्रों की दौड़ नहीं लगानी होगी।
जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल्द लैप्रोस्कोपी मशीन स्थापित होगी। खासकर पथरी और बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को इससे खासी राहत मिलेगी। बगैर चीरफाड़ के उनके ऑपरेशान होंगे और उन्हें अधिक दर्द नहीं सहना होगा। अधिकारियों के मुताबिक लैप्रोस्कोपी मशीन की खरीद के लिए शासन स्तर पर टेंडर हो चुके हैं। अगले महीने तक अस्पताल में मरीजों को यह सुविधा मिलने लगेगी। संवाद
दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने के लिए चिकित्सक तैयार
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने के लिए चिकित्सक पहले से ही तैयार हैं। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. लाल सिंह बोरा को इस विधि से ऑपरेशन करने में पहले से ही महारथ हासिल है। ऐसे में यहां अलग से लैप्रोस्कोपिक सर्जन की तैनाती नहीं करनी होगी।
ईएनटी विभाग को मिली ड्रिल मशीन
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। ईएनटी विभाग को आधुनिक माइक्रोस्कोप और ड्रिल मशीन मिली है। चिकित्सकों के मुताबिक ड्रिल मशीन से नाक, कान, गले का आधुनिक तरीके से ऑपरेशन किया जा रहा है इसका सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है।
कोट
दूरबीन विधि से ऑपरेशन के लिए जल्द जिला अस्पताल में लैप्रोस्कोपी मशीन स्थापित होगी। इसकी खरीद के लिए शासन स्तर पर टेंडर हो चुके हैं। इस मशीन के स्थापित होने के बाद सीमांत के मरीजों को खासी राहत मिलेगी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का लगातार प्रयास हो रहा है। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।