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नोटबंदी से स्टेशनरी का कारोबार प्रभावित

Fri, 16 Dec 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
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नोटबंदी के कारण डीडीहाट में स्टेशनरी की दुकान में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के कारण स्टेशनरी की दुकानों में काउंटर सेल और होलसेल का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बिक्री 60 से 80 फीसदी तक गिर गई है। बोर्ड परीक्षा के साल्व और अनसाल्व पेपर लेने के लिए कम संख्या में बच्चे आ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें खरीदने वालों ने भी हाथ रोक रखा है। छोटा मोटा सामान खरीदने के लिए भी लोग 2000 का नोट दिखा रहे हैं। इससे समस्या खुले पैसे लौटाने में आ रही है। 500 का नया नोट अब तक यहां के बैंकों में नहीं पहुंचा है। 100 और 50 के नोटों की भारी किल्लत है।
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पांगती पुस्तक भंडार के मालिक डीएस पांगती ने बताया कि आठ नवंबर को नोटबंदी होने से पहले तक 10 से 15 हजार रुपए की काउंटर सेल हो जाती थी, लेकिन नोटबंदी के बाद यह बिक्री घटकर 2 से 4 हजार पर आ गई है। दिनभर आठ या दस ग्राहक दुकान में आ रहे हैं। थोक का सामान मंगाने की रफ्तार भी कम हो गई है। इसी तरह जिज्ञासु पुस्तक भंडार के मालिक नगेंद्र जंगपांगी ने बताया कि बिक्री पर भारी असर पड़ा है। छोटे नोटों की कमी से समस्या आ रही है। दुकानदारों के पास बड़े नोट के बदले छोटे नोट वापस करने के लिए नहीं हैं।

विद्यार्थी भी आपस में किताबों को मिल बांटकर पढ़ने में लगे हैं। नया सामान खरीदने के लिए विद्यार्थी कम संख्या में दुकानों पर जा रहे हैं। व्यापारियों को आशंका है कि यदि जल्दी हालात सामान्य नहीं होते तो आने वाले समय में काम पर असर पड़ेगा। नया शिक्षा सत्र शुरू होते समय नया सामान मंगाने में भी दिक्कत आएगी। क्योंकि बैंकों से ज्यादा रकम नहीं मिल रही है और ट्रांजेक्शन की समस्या आ रही है। 
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कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं
पांगती पुस्तक भंडार में दो वर्ष पूर्व ही स्वाइप मशीन लगा दी गई थी, लेकिन लोग उसका उपयोग नहीं करते। कैशलेस ट्रांजेक्शन के बारे में यहां के लोगों को न तो कोई जानकारी है और न वह इसे जल्दी अपनाने के पक्ष में ही दिख रहे हैं।
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