बस स्टेशन में की जा रही रोडवेज बस की मरम्मत
- फोटो : अमर उजाला
जिले में रोडवेज की व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। टायरों और स्पेयर पार्ट्स के अभाव में रोज हर रूट की बसें लेट हो रही हैं। कभी-कभी तो दिल्ली, देहरादून और हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को तीन-तीन घंटे तक स्टेशन में इंतजार करना पड़ रहा है। टायरों की कमी से बसें खड़ी हो रही हैं। अब तो स्थिति यह है कि लंबी दूरी की बसों को उसी समय फिर से लौटकर जाना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली से पहुंची एक बस को उसी समय वापस दिल्ली भेजा गया। बस के टायर भी स्टेशन में ही बदले गए।
रोडवेज के स्थानीय डिपो में बसों की कुल संख्या 62 है। इनमें से रोजाना 15 बसें तकनीकी खराबी के कारण और इतनी ही बसें टायर और पार्ट्स न होने के कारण खड़ी रहती हैं। अक्सर यह स्थिति आती है कि ज्यादा दौड़ के कारण बसें रास्ते में खराब भी हो जाती हैं। रोडवेज की खस्ता हालत के खिलाफ पहले खुद कर्मचारियों ने आंदोलन किया था। बाद में इस मुद्दे पर भाजपा धरना और प्रदर्शन कर चुकी है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन में पहुंचने के बाद निर्धारित समय पर बस मिल जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। यात्रियों ने बताया कि पिछले छह महीने से यह समस्या चली आ रही है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
इस बीच सीमांत यूथ मोर्चा के संयोजक सुशील खत्री ने कहा कि वह इस मामले में परिवहन सचिव और मंत्री से देहरादून जाकर बात करेंगे तथा सीमांत जिले की परिवहन सेवा को लेकर हो रही उपेक्षा की जानकारी देंगे। बृहस्पतिवार को श्री खत्री भी देहरादून जाते समय बस न मिलने से घंटों परेशान रहे।