निर्वाचन कार्यालय की ओर से तैयार की गई लिस्ट के अनुसार डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के 18 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जिनमें पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। यह सभी मतदान केंद्र सरकारी प्राथमिक स्कूलों और जूनियर हाईस्कूलों में हैं। विद्यार्थी तो इनमें जैसे-तैसे काम चला लेते हैं, लेकिन 14 फरवरी को इन केंद्रों में पहुंचने वाली पोलिंग पार्टियों के लिए मुसीबत पैदा हो जाएगी। सभी मतदान केंद्र सड़क से दूर हैं। वहां तक पेयजल टैंकर भेज पाना भी संभव नहीं रहेगा।
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के चामा, आदीचौरा, पतेत, पानागढ़, मिर्थी, अजेड़ा, जौरासी, बजानी, सुनकोट, बगड़ीहाट पूर्वी, बगड़ीहाट पश्चिमी, अमाली, सिरोली, ख्वांतड़ी, उसैल, नखनोली, रसैपाटा, द्वालीसेरा मतदान केंद्र में पेयजल की लाइन नहीं बिछी है। अभी निर्वाचन कार्यालय यह तय नहीं कर पाया है कि मतदान केंद्रों में पेयजल की क्या व्यवस्था होगी। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के समय भी यह मतदान केंद्र पानी की सुविधा से वंचित थे। तब भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी, लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद भी मतदान केंद्रों तक पानी पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
पिथौरागढ़ के चार मतदान केंद्र भी पानी से वंचित
पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चार मतदान केंद्रों में भी पानी की सुविधा नहीं है। इनमें नैनीभनार, दिगतौली, पुनोड़ीकेदार और न्यू बिलाई मतदान केंद्र शामिल हैं। यह चारों मतदान केंद्र सड़क के नजदीक हैं। इस कारण यहां तक वाहनों से पानी पहुंचाने का इंतजाम किया जा सकता है। नजदीकी मतदान केंद्रों में मतदान से एक दिन पूर्व पोलिंग पार्टी पहुंच जाएगी।