एक तरफ देश में डिजिटल इंडिया का नारा जोरशोर से चल रहा है, दूसरी तरफ धारचूला विधानसभा क्षेत्र के 44 और डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के 16 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर किसी भी संचार कंपनी का कोई नेटवर्क काम नहीं करता। इन मतदान केंद्रों में कुल 139 गांवों के लोग 15 फरवरी को मतदान के लिए जाएंगे। इन सभी केंद्रों से मतदान के दिन जरूरी सूचनाएं एकत्र करने के लिए पुलिस का संचार विभाग वायरलेस सेट स्थापित करेगा। वायरलेस स्थापित करने के लिए संबंधित मतदान केंद्र अक्षांश और देशांतर का पता लगाया जा रहा है। साथ ही सर्वे का काम पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से वायरलेस सेट मंगाए जाएंगे।
इन मतदान केंद्रों में मतदान से 48 घंटे पहले वायरलेस सेट काम करने लगेंगे। कनेक्टिविटी को सही रखने के लिए 19 स्थानों पर रिपीटर भी लगाए जाएंगे, ताकि जिला मुख्यालय में बनने वाले नियंत्रण कक्ष तक संदेश पहुंचाने में परेशानी न हो। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी के निर्देश पर वायरलेस विभाग की टीम ने इस पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने चार टीमों को तैयार कर वायरलेस सेट स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंप दी है। पिछले चुनावों में भी इन मतदान केंद्रों में संचार के लिए इसी तरह के वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े थे। अब तक यह मतदान केंद्र संचार की सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं।
संचारविहीन मतदान केंद्रों के नाम
धारचूला विधानसभा क्षेत्र
साईपोलू, क्वीरीजिमिया, बोना, तोमिक, जौलढुंगा, बादनीधार, नामिक, तेजम, होकरा, सैणरांथी, बांसबगड़, धामीगांव, समकोट, पंद्रपाला, सोबला, न्यू, दर, सुमदुम, बौंगलिंग, गालागाड़, तांकुल, सिर्खा, रूंग, सिर्दांग, कुरीला, सोसा, जयकोट, हिमखोला, खेत, गर्गुवा, सुवा, खेला, स्यांकुरी, बरम, बलमरा, जुम्मा, खातपोली, पनियार, बोरागांव, छाना, धामीगांव, कालिका, किमखोला, जौलजीबी।
डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र
पीपली, रणुवा, धामीगौड़ा, दोबांस, कटियानी, मनकोट, भटेड़ी, झूलाघाट (पूर्वी), झूलाघाट (पश्चिमी), गेठिगाड़ा, कानड़ी, गौरीहाट, जामिरपानी, मायालेक, बिसखोली, बलतड़ी।