कनार के ग्रामीण इस तरह भारी बारिश में ध्वस्त पैदल रास्तों से आवाजाही को मजबूर हैं।
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पिथौरागढ़। सीमांत के कनार गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता भारी बारिश से जगह-जगह ध्वस्त हो गया है। ग्रामीण इन पैदल रास्तों में जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र पैदल रास्ते को ठीक करने की मांग की है। पैदल रास्तों के ध्वस्त होने के बाद गांव में जरूरी सामान की भी किल्लत होने लगी है।
बीते दिनों हुई बारिश के कारण खेतीखान खोले सहित कई अन्य स्थानों पर पैदल रास्ते पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पैदल रास्ते के बहने के बाद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहने के बाद भी रास्ता ठीक नहीं किया जा रहा है।
उनका कहना है कि रास्ते के ध्वस्त होने के बाद गांवों में आवश्यक सामान पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश परिहार (गुड्डू) ने शासन-प्रशासन से शीघ्र पैदल रास्ते को ठीक करने की मांग की है। कनार के ग्रामीण लंबे समय से बरम से कनार तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।
बावजूद इसके यहां तक सड़क पहुंचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को आवश्यक सामान की खरीदारी करने के लिए 15 किमी पैदल चलना पड़ता है। गांव में किसी के बीमार होने या किसी गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने में डोली का इस्तेमाल करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र पैदल रास्ता ठीक करने और गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग की है।