नगर में जल संस्थान के टैंकर और पिकअप वाहनों से लगातार पानी बांटने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही है। अधिकांश इलाकों में लोगों का समय सिर्फ पानी की व्यवस्था में ही बीत रहा है। जल संस्थान अब गोरघटिया पेयजल योजना से पानी दे पाने में असमर्थ हो गया है, जिन हिस्सों में वाहन नहीं पहुंच रहे हैं, वहां के लोग गंभीर संकट झेल रहे हैं।
नगर के आसपास के सभी स्रोत सूखने से जल संस्थान को पांच किलोमीटर दूर सुकल्याड़ी से पानी लाना पड़ रहा है। एक बार में पिकअप से ज्यादा से ज्यादा 2500 लीटर पानी पहुंच पा रहा है। इतने पानी से एक मोहल्ले की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। रोज हर मोहल्ले में पानी बांटा जा रहा है।
अस्थायी इंतजामों से कुछ हासिल नहीं होगा
बेड़ीनाग। भटीगांव निवासी अनिल पंत का कहना है कि पेयजल वितरण के लिए किए जा रहे अस्थायी इंतजामों से कुछ नहीं होगा। वह कहते हैं कि वाहनों से कब तक पानी ढोया जाएगा और विभाग को इसमें कितना अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। समस्या के समाधान के लिए गोरघटिया पंपिंग योजना को फिर से पुनर्गठित की जाए।
वितरण प्रणाली को ठीक किया जाए
बेड़ीनाग। नया बाजार निवासी चंद्रशेखर पाठक का कहना है कि सबसे पहले वितरण व्यवस्था में सुधार जरूरी है। कनेक्शनों के वितरण का मानक तय होना चाहिए। समस्या के लिए कुछ हद तक गलत मैनेजमेंट भी जिम्मेदार है। लोगों को भी खुद समस्या का समाधान करने में पहल करनी चाहिए।
डीडीहाट में अभी समस्या हल होने की उम्मीद नहीं
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे डीडीहाट नगर के लोगों को कम से कम मानसून की बारिश होने तक राहत मिलने वाली नहीं है। प्राकृतिक स्रोत लगातार सूख रहे हैं। जल संस्थान अब तीन दिन बाद भी पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह यह है कि जिन नौ प्राकृतिक स्रोतों से नगर में पानी आ रहा था उनमें से आज की तारीख में छह स्रोत सूख चुके हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि इस समय टैंकर और वाहनों से पानी बांटा जा रहा है। आईटीबीपी, एसएसबी और कुछ समाजसेवी संगठन भी पानी बांटने में हाथ बंटा रहे हैं।