पिथौरागढ़। करीब 80 करोड़ से अधिक की आंवलाघाट पंपिंग योजना, ठूलीगाड़ योजना, घाट पंपिंग योजना और महादेव में बनाई गई योजना के बाद भी नगर की जीआईसी क्षेत्र की जनता को जरूरत का पानी नहीं मिल रहा है।
चार-चार पेयजल योजनाओं के बाद भी एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। कई बार घरों में दूषित पानी आ रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में जल संस्थान के साथ ही शासन-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है।
पूर्व चेतावनी के अनुसार रविवार को जीआईसी मैदान में जनमंच और सरस्वती विहार विकास समिति के तमाम सदस्य आंदोलन की रणनीति बनाने को लेकर जीआईसी मैदान में पहुंचे।
बैठक में जनमंच के संयोजक भगवान सिंह रावत ने कहा कि करोड़ों की पंपिंग योजनाएं बनाई गई हैं। इसके बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। जल संस्थान लोगों की समस्या की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
मौके पर पहुंचे जल संस्थान के एई विनय जोशी ने शीघ्र पानी की आपूर्ति व्यवस्थित करने का आश्वासन दिया। जनमंच सहित तमाम उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जरूरत का पानी नहीं मिलता है तो उन्हेें उपभोक्ता फोरम जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
नलों से पानी की जगह निकल रही हवा, कनेक्शन लेने का दबाव
पिथौरागढ़। जल संस्थान ने सरस्वती विहार कालौनी में एक साल पहले पाइप लाइन बिछा दी थी। अभी तक अधिकांश परिवारों को पानी नहीं मिल पाया है।
18 वर्षों से पानी की लाइन बिछने का इंतजार कर रहे लोगों के घरों तक बिछे नलों में पानी की जगह हवा निकल रही है। असमान वितरण के कारण कुछ घरों की छतों में पानी चढ़ रहा है जबकि कुछ परिवारों के नलों में बूंद भी नहीं टपक रही है।
पानी न आने से लोग कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले नलों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो इसके बाद ही संयोजन की राशि जमा की जाएगी।
लोगों का यह भी कहना है कि विभाग पहले रुपये जमा करने की बात कह रहा है, जबकि पहले से जिन्होंने कनेक्शन लिए हैं, वह भी पानी के लिए तरस रहे हैं।