मदकोट से दारमा जाने वाली सड़क पर फंसा वाहन
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मदकोट से दारमा तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क में से अब तक पीएमजीएसवाई सिर्फ दस किलोमीटर का ही निर्माण कर पाया है। इस दस किलोमीटर सड़क की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के लोग खुद ही नालियों का निर्माण कर रहे हैं और गड्ढों को भरने का काम कर रहे हैं। पीएमजीएसवाई ने सड़क का काम आधे में छोड़ दिया है। मलबे से पटी इस सड़क पर अक्सर वाहन फंस जाते हैं।
बताया गया कि मदकोट से इमला तक दस किलोमीटर के हिस्से में सड़क इतनी खराब हालत में है कि उसमें चलना खतरे से खाली नहीं है। उससे आगे कनलका और जोशा तक सड़क की थोड़ी सी कटिंग की गई है। उसमें वाहन चला पाना संभव नहीं है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि कीचड़ और मलबे से पटी इस सड़क पर पैदल चलना भी कठिन है। लोग बार-बार सड़क की दशा सुधारने और निर्माण कार्य पूरा करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत बन रही इस सड़क की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि सड़क को किन कारणों से आधे में छोड़ा गया और किन कारणों से सड़क की दशा नहीं सुधारी जा रही है, इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही सड़क निर्माण में अब तक हुए धन खर्च का भी खुलासा किया जाए। इधर, एसडीएम विवेक प्रकाश ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से कहा कि सड़क का निर्माण पूरा करें और सड़क की दशा सुधारने के लिए जेसीबी तथा मजदूर तैनात करें।