धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख कैलाश मानसरोवर सड़क मालपा, छंकन सहित कई अन्य जगहों पर मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई है।
सड़क बंद होने से व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ ही सेना, एसएसबी और आईटीबीपी के जवानों को पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। बारिश के कारण जिले की 10 आंतरिक सड़कें बंद हैं।
बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश होने से सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। दारमा घाटी की बीआरओ की तवाघाट-सोबला और सीपीडब्ल्यूडी की सोबला- ढाकर सड़क 66 दिन बाद भी पूरी तरह नहीं खुल पाई है।
सीमांत में पांच दिन से हेलिकॉप्टर सेवा भी ठप
पिथौरागढ़। मानसून काल में प्रवास वाले गांवों से मरीजों को धारचूला लाने में हेलिकॉप्टर सेवा काफी मददगार साबित हुई है, लेकिन खराब मौसम के कारण पांच दिन से हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहा है।
गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने वीसेट से जानकारी दी कि गुंजी में एक महिला की तबियत खराब है। उनको गुंजी में सेना के अस्पताल में दिखाया गया था। सेना के डॉक्टर ने हायर सेंटर रेफर किया है। सड़क बंद होने से बीमार महिला को धारचूला लाया जाना संभव नहीं है। उन्होंने एसडीएम से हेलिकॉप्टर सेवा की मांग की है, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर सेवा नहीं मिल पा रही है।
बर्नियागांव में भारी बारिश से मकान ध्वस्त
मुनस्यारी/ पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश के कारण मुनस्यारी के बर्नियागांव में कुंदन सिंह पापड़ा का पुस्तैनी मकान ध्वस्त हो गया है। परिवार ने पड़ोसी के यहां शरण ली है। लगातार हो रही बारिश के कारण काली, गोरी, सरयू और रामगंगा नदी के उफान पर होने से लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।
हरड़िया नाले से मुनस्यारी रवाना हुए गैस के तीन ट्रक
नाचनी। थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग हरड़िया में अभी भी खतरनाक बना हुआ है। पुल से अभी केवल हल्के वाहन ही गुजर रहे हैं। भारी वाहनों का संचालन नाले से बनाए गए अस्थायी मार्ग से किया जा रहा है। इस मार्ग से भी वाहनों के संचालन में खतरा बना हुआ है।
बुधवार को राजस्व निरीक्षक मनीष भट्ट की मौजूदगी में दो दिन से फंसे रसोई गैस सिलिंडर के तीन ट्रक सहित अन्य मालवाहक ट्रक मुनस्यारी रवाना हुए। क्षेत्र की नाचनी भैंसकोट सड़क बंद है। वहीं नाचनी-बांसबगड़ सड़क के पिछले वर्ष नदी में समा जाने से सुरक्षा दीवार लगाकर फरवरी में ही बड़े वाहनों के लिए सड़क खोली गई थी लेकिन जून में सड़क धंसने से बड़े वाहनों का संचालन फिर ठप हो गया।