फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब हेलीकाप्टर ही उड़ाना था तो एयरपोर्ट पर क्यों किए अरबों खर्च

विज्ञापन
नैनीसैनी हवाई पट्टी, पिथौरागढ़। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
पिथौरागढ़। नैनीसैनी हवाई पट्टी से सात अक्तूबर से सीमांत के लोगों को पवन हंस कंपनी की हेली सेवा मिलेगी। हेली पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर के लिए चलेगा। इसे लेकर लोगों में खुशी तो है लेकिन विमान सेवा शुरू होने में हो रही देरी से सीमांत के लोग मायूस हैं। लोगों का कहना है कि हेलिकॉप्टर तो किसी भी मैदान से उड़ सकता है तो अरबों रुपये खर्च कर एयरपोर्ट और रनवे क्यों बनाया।
विज्ञापन

सरकार को विमान सेवा शुरू करानी चाहिए। हेली सेवा से ज्यादा लोगों को लाभ नहीं मिल पाएगा। सीमांत से कई लोगों को जरूरी काम के लिए कई बार दिल्ली, देहरादून जाना पड़ता है। ऐसे में विमान का उड़ना बेहद जरूरी है। एयरपोर्ट से हेली के बजाय विमान सेवा शुरू होनी चाहिए। - रेनुका जोशी माहरा, डॉक्टर, पिथौरागढ़।
जब विमान सेवा शुरू हुई तो बड़ा अच्छा लगा था। गांव में अक्सर पूजा और अन्य आयोजनों के लिए मूनाकोट आना मुश्किल हो जाता है। परिवार के साथ दिल्ली से पिथौरागढ़ आना बेहद मुश्किल सफर हो जाता है। विमान सेवा नियमित होती तो घर आने के लिए सूचना नहीं पड़ता। - शिप्रा चंद, मूनाकोट
विज्ञापन

मुनस्यारी पर्यटन नगरी की सड़कों के हाल बेहाल है। पूर्व सरकार ने विमान सेवा शुरू करा कुछ रात दी थी। मगर वर्तमान सरकार विमान सेवा के लिए सिर्फ प्रयास कर रही है। हेली सेवा सरकार को निशुल्क बीमारों और जरूरतमंदों के लिए चलानी चाहिए। -तारा पांगती, पूर्व सदस्य महिला आयोग, मुनस्यारी
नैनीसैनी हवाई पट्टी सिर्फ नाममात्र की हवाई पट्टी बनकर रह गई है। परिवार के लोग दिल्ली काम करते हैं। वे सिर्फ घरों के धार्मिक अनुष्ठान और जरूरी काम के लिए आ पाते हैं। विमान नियमित उड़ता तो निश्चित तौर पर अपनों की दूरी उन्हें कभी नहीं खलती। -भावना जोशी, प्रबंधक मलयनाथ स्कूल, डीडीहाट
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें