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पूस की रात और बूढ़ी काकी का नाट्यमंचन

Sun, 30 Jul 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
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बेड़ीनाग में प्रेमचंद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर डॉ. डीडी पंत स्मारक बाल विज्ञान खोजशाला में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान बच्चों ने नमक का दरोगा, कश्मीरी सेब, पंच परमेश्वर, आत्माराम सहित प्रेमचंद की 15 से ज्यादा कालजयी कहानियों का पाठ किया, जबकि ‘पूस की रात’, ‘बूढ़ी काकी’ आदि कहानियों का नाट्यमंचन किया गया। इन नाटकों का नाट्य रूपांतर और निर्देशन बच्चों ने स्वयं किया था।
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एक दर्जन विद्यालयों के लगभग 200 बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाषणों, कहानियों, कविताओं और नाटकों के माध्यम से कथा सम्राट के साहित्यिक योगदान को याद किया। इस मौके पर प्रेमचंद की कहानियों पर बच्चों द्वारा बनाए गई 100 चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम का समापन प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ पर आधारित फिल्म के प्रदर्शन से किया गया। बाल विज्ञान खोजशाला की ओर से कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों को विज्ञान संबंधी पुस्तकें भेंट की गई।

कार्यक्रम में महर्षि विद्या मंदिर, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, साधना पब्लिक स्कूल, लिटिल एंजिल पब्लिक स्कूल, राजीव अभिनव विद्यालय, जूनियर हाइस्कूल त्रिपुरादेवी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय राईंआगर, राइंका राईंआगर, एसडी मेमोरियल स्कूल राईंआगर और गंगोलीहाट के रेनेसां पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया। संचालन बाल विज्ञान खोजशाला के नरेश कुमार और कमलेश जोशी ने किया। इस दौरान बाल विज्ञान खोजशाला के संरक्षक डॉ. चंद्रशेखर पाठक, कमलेश पंत, बागेश्वर जिले से पहुंचे संकुल समन्वयक हेम पाठक, जीजीआईसी गणाईगंगोली की प्रधानाचार्य सुनीता पांडेय, हेम जोशी आदि मौजूद रहे।
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