धारचूला/झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल पुल के गेट बंद होने से धारचूला में फंसे नेपाली नागरिकों को एनएचपीसी ने भोजन कराया। एनएचपीसी की ओर से शिविर में रह रहे नेपालियों के लिए डॉक्टरों की टीम भी तैनात की है।
कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल की ओर से झूला पुल के गेट बंद होने से धारचूला और बलुवाकोट में लगभग 957 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। इन सभी को राहत शिविरों में रखा गया है। प्रशासन इन सभी लोगों की भोजन की व्यवस्था कर रहा है। डीएम डॉ. विजय कुमार ने धौलीगंगा पॉवर स्टेशन के मुख्य महाप्रबंधक विश्वजीत बासु के साथ बैठक में यथासंभव सहायता करने को कहा था। इस पर एनएचपीसी की ओर से सभी नेपाली नागरिकों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इधर झूलाघाट में भी 250 से अधिक नेपाली फंसे हुए हैं। शुक्रवार को 13 और नेपाली झूलाघाट पहुंचे। राजस्व विभाग की टीम ने सभी को चार दिन का राशन बांट दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने गेठिगाड़ा में रह रहे 57 लोगों के लिए तीन दिन के राशन की व्यवस्था कर दी है। साथ ही ग्वाली के 44 जमिरपानी में 83 रज्यूड़ा में 19 और गौरीहाट में रुके 62 लोगों के लिए चार दिन के राशन की व्यवस्था की गई है। डॉ. कल्पित रौतेला और डॉ. प्रकाश पंगरिया की टीम ने सभी नेपाली लोगों की जांच की। टीम में कानूनगो नवीन लाल वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया, भगवती प्रसाद पंत, गोपाल जोशी, थाना प्रभारी महेश चंद्र, एसएचओ चंद्र सिंह, फार्मासिस्ट हरीश रावत, सुरेंद्र आर्या, नरेश महर मौजूद रहे।