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पिथौरागढ़-घाट एनएच में मलबा आने से चार घंटे ठप रहा यातायात

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पिथौरागढ़। मूसलाधार बारिश के कारण चुपकोट बैंड में भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह चार घंटे से अधिक समय तक यातायात ठप रहा। हल्द्वानी रूट के वाहन चुपकोट बैंड, पनार और फिर अल्मोड़ा जिले के मकड़ाऊं और आटी नामक स्थान पर फंसे रहे।
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जिले में 72 घंटे तक हुई बारिश से सीमांत जिले में जनजीवन खासा प्रभावित रहा। मूसलाधार बारिश के कारण बृहस्पतिवार रात भी पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग में चुपकोट बैंड में भारी मात्रा में मलबा आ गया।
इससे शुक्रवार सुबह भी यातायात ठप रहा। हल्द्वानी और टनकपुर रूटों के लिए जिला मुख्यालय से रवाना हुए वाहन चार घंटे तक मार्ग में ही फंसे रहे।
जेसीबी से सड़क में गिरे बोल्डर और मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हो सका। चुपकोट बैंड से हल्द्वानी रूट के लिए निकले वाहन पनार के पास फंस गए। पनार में सुबह 10 बजे तक मलबा हटाया जा सका।
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इसके बाद यहां से आगे रवाना हुए वाहन अल्मोड़ा जिले के मकड़ाऊ के पास फंसे रहे। दन्या से पनार तक तीन स्थानों पर सड़क बंद होने से हल्द्वानी से पिथौरागढ़ की ओर से आ रहे वाहन मार्ग में ही फंसे रहे।
सड़क बंद होने से समाचार पत्र, रसोई गैस सिलिंडर और डीजल-पेट्रोल के टैंकर भी समय से पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। कई जगह सड़क बंद होने से यात्रियों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश के कारण थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पिछले 20 घंटों से बड़े वाहनों के लिए बंद है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुनस्यारी का मदकोट-बसंतकोट मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद है। इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीएम आनंद स्वरूप ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार शाम घाट रोड पर स्थित चुपकोट मार्ग पर दोबारा मलबा गिरा है। इस कारण दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि जेसीबी को मौके पर भेजा जा रहा है।
शीघ्र सुरक्षा दीवार नहीं बनी तो बरसात में बढ़ सकती है परेशानी
पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क में पिथौरागढ़ से घाट तक कई स्थानों पर पहाड़ी लगातार दरक रही है। इस सड़क में एक दर्जन से अधिक स्थानों में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा है।
पिछले एक साल में यह सड़क मलबा आने से 10 से अधिक बार बंद हो चुकी है। सड़क में लगातार दो-दो दिन तक भी यातायात बाधित हो रहा है।
एनएच के अधिकारी पहाड़ी से गिर रहे मलबे को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा दीवारों के निर्माण की जरूरत बता रहे हैं। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। सुरक्षा दीवारों का निर्माण न होने से इस बरसात भी सीमांतवासियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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