गंगोलीहाट में मिली गुफा। संवाद
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट के हाटकालिका मंदिर से लगभग डेढ़ किमी की दूरी पर एक और गुफा मिली है। इस गुफा के भीतर तेंदुए सहित कुछ अन्य जानवरों के कंकाल भी नजर आए। गुफा खोजने वाले युवाओं के अनुसार यह गुफा साहसिक पर्यटन की दृष्टि से उपयोगी हो सकती है।
गंगोलीहाट क्षेत्र को गुफाओं की घाटी कहा जाता है। पाताल भुवनेश्वर सहित एक दर्जन गुफाएं यहां पर अब तक मिल चुकी हैं। इनमें कुछ दिन पूर्व मिली आठ मंजिला गुफा भी शामिल है। अधिकतर गुफाएं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। रविवार को क्षेत्र में एक और गुफा मिली है। ऐतिहासिक हाटकालिका मंदिर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर मिली इस गुफा को स्थानीय युवक दीपक रावल सहित अन्य युवाओं ने खोजा है। गुफा को खोजने वाले युवक दीपक रावल ने बताया कि गुफा का मुहाना संकरा होने से लगभग 30 फीट तक रेंगकर जाना पड़ता है। उसके बाद गुफा के अंदर पर्याप्त स्थान है और गुफा बेहद ठंडी है। युवाओं के अनुसार वहां ऑक्सीजन भी पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि इस गुफा में नीचे से पानी का रिसाव नजर आया है। युवाओं को गुफा में एक तेंदुए सहित कुछ अन्य जानवरों के कंकाल भी मिले हैं। युवाओं के अनुसार यह कंकाल दस साल से अधिक पुराने हो सकते हैं। पहले इस गुफा को भालू का उडियार (भालू की गुफा) कहा जाता था। माना जा रहा है कि जानवर इस गुफा में रहते होंगे।