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भारत-नेपाल के बीच बनने वाले 110 मीटर लंबे पुल के निर्माण की कवायद तेज

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मल्ला छारछुम में इसी स्थान पर बनेगा भारत-नेपाल के बीच मोटर पुल। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। धारचूला के छारछुम से नेपाल के लिए प्रस्तावित 110 मीटर लंबे टू-लेन मोटर पुल निर्माण की कवायद तेज हो गई है। पुल के निर्माण के लिए कुछ दिन पूर्व आईआईटी दिल्ली के प्रो. केएस राव और डॉ. अनूप कृष्णन ने बलुवाकोट और मल्ला छारछुम का निरीक्षण किया। दोनों स्थानों की टोपोग्राफी और नदी की हाइड्रोलॉजी को देखते हुए मल्ला छारछुम में पुल निर्माण का अंतिम निर्णय लिया गया था।
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पुल निर्माण के लिए चयनित स्थल मल्ला छारछुम में डिजाइन टेक स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट कंपनी ने मिट्टी की जांच और हाइड्रोलॉजी विश्लेषण के बाद डीपीआर बना ली है। लोनिवि खंड अस्कोट ने 4887.26 लाख रुपये की डीपीआर को परीक्षण के लिए आईआईटी दिल्ली के इंजीनियर प्रो. डॉ. केएस राव को भेज दी है।
आईआईटी दिल्ली से स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी, जहां से स्वीकृति के बाद पुल निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की जाएगी।
नेपाल भी छारछुम में टू-लेन मोटर पुल निर्माण से उत्साहित है। कुछ दिन पूर्व पिथौरागढ़ विकास भवन सभागार में हुई भारत-नेपाल समन्वय समिति की बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस पर चर्चा हुई थी। दोनों देशों के अधिकारी पुल निर्माण के लिए सहमत दिखे।
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पुल के दोनों ओर पैदल आवाजाही के लिए फुटपाथ बनेगा
पिथौरागढ़। छारछुम में काली नदी में बनने वाले भारत-नेपाल के बीच बनने वाले टू-लेन स्टील गार्डर पुल के दोनों ओर फुटपाथ भी बनाया जाएगा। इससे पैदल आवाजाही करने वालों को फायदा मिलेगा।
भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते के साथ व्यापारिक संबंध होने के कारण दोनों देशों के बीच आवागमन बना रहता है। सीमांत के लोग लंबे समय से यहां मोटर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। सड़क सुविधा के लिए सीमांत के लोगों को 250 किमी दूर बनबसा जाना पड़ता है। छारछुम में पुल निर्माण के बाद दोनों देशों के नागरिकों को सुविधा मिलेगी।
पुल निर्माण से फायदा
पिथौरागढ़। छारछुम में मोटर पुल बनने से भारतीय क्षेत्र का पिथौरागढ़-तवाघाट राजमार्ग और नेपाल का दाप क्षेत्र जुड़ेगा। इसके निर्माण से दोनों देशों के बीच आवागमन सुगम होगा। व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। भारत-नेपाल के बीच काली नदी में लोग रस्सियां लगाकर अवैध तरीके से आवाजाही करते हैं, पुल निर्माण के बाद अवैध तरीके से आवाजाही रुकेगी।
छारछुम में भारत-नेपाल के बीच टू-लेन स्टील गार्डर पुल बनाया जाएगा। पुल निर्माण की डीपीआर परीक्षण के लिए आईआईटी दिल्ली को भेजी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद पुल निर्माण को लेकर निविदा आमंत्रित कर पुल निर्माण की कार्यवाही की जाएगी।
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- बीके सिन्हा, ईई लोनिवि अस्कोट।
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