डीडीहाट तहसील मुख्यालय में स्थित राजकीय कन्या इंटर कालेज की व्यवस्था सुधारने की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है, यदि सरकार का ध्यान होता तो कम से कम 19 वर्ष से रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य के पद पर तैनाती हो जाती। वहीं, सफाई कर्मचारी विद्यालय में नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही शौचालय की सफाई करते हैं। कनेक्शन नहीं होने से हैंडपंप से ही पीने के पानी की व्यवस्था होती है।
सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा तो करती है, लेकिन इस विद्यालय में इंटर स्तर पर अब भी गणित, गृह विज्ञान और भूगोल विषय की पढ़ाई नहीं होती। कुल 282 छात्रसंख्या वाले इस विद्यालय में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। 94 लाख रुपये का नया भवन बना है, लेकिन उसमें बाउंड्रीवाल नहीं लगी है। रोड से सटे इस विद्यालय में इस कारण अक्सर वाहनों की आवाज से पढ़ाई में बाधा पहुंचती है।
यह विद्यालय पहले टिनशेडों में चलता था। बाद में नया भवन तो बन गया, लेकिन जगह की कमी के कारण कुछ कक्षाएं टिनशेडों में ही चलती हैं। इंटर की छात्राओं के बैठने के लिए पूरा फर्नीचर नहीं है। इस कारण कुछ विषयों को पढ़ने के लिए छात्राओं को जमीन पर बैठाया जाता है। सफाई कर्मचारी विद्यालय में नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही शौचालय की सफाई करते हैं। पानी का कोई कनेक्शन विद्यालय में नहीं है। हैंडपंप से ही पीने के पानी की व्यवस्था होती है। उसी से जूनियर कक्षाओं के लिए मिड-डे-मील बनता है। विद्यालय के टिनशेड वाले भवन की हालत इतनी खराब है कि उसका फर्श उखड़ गया है। स्टाफ रूम की हालत भी अच्छी नहीं है।