एडीएम आरडी पॉलीवाल को ज्ञापन सौंपते जिपं सदस्य कोमल मेहता।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में प्रसव के बाद हुई महिलाओं की मौत के कारणों की जांच की मांग मुखर होने लगी है।
महिला अस्पताल में डीडीहाट के पमस्यारी निवासी नेहा बोरा (28) पत्नी दिगंबर बोरा की प्रसव के बाद तीन फरवरी को मौत हो गई थी। इस मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोमल मेहता और दिगरा मुवानी के पूर्व जिपं सदस्य जगदीश कुमार ने बुधवार को अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल को ज्ञापन सौंपा। महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान महिलाओं की मौतों की संख्या बढ़ते जा रही है।
इसके चलते गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों में भय पैदा हो रहा है। अस्पताल में हुई मौत के कारणों की जांच की जाए। कहा है कि मौत चिकित्सकों की लापरवाही से हो रही है या आपरेशन में प्रयोग होने वाले उपकरणों की कमी से इसकी भी जांच की जानी चाहिए। भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से एक टीम का गठन किया जाए। यह टीम अस्पताल का लगातार निरीक्षण करेगी। जिससे कि भर्ती महिलाओं के साथ अस्पताल स्टाफ कोई दुर्व्यवहार नहीं कर सके।
उक्रांद ने दी आंदोलन की चेतावनी
पमस्यारी निवासी राज्य आंदोलनकारी स्व. जोध सिंह बोरा की बहू नेहा बोरा पत्नी दिगंबर की मौत से उक्रांद कार्यकर्ताओं में रोष है। दल के केंद्रीय संगठन मंत्री सलीम अहमद ने कहा है कि महिला अस्पताल में प्रसव के बाद हुई नेहा की मौत की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि समय रहते नेहा का इलाज नहीं हो पाया जिससे उसकी मौत हुई है। उन्होंने नेहा की मौत की जांच रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है। उन्होंने कि दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की तैनाती की भी मांग उठाई है। नेहा की मौत से यूथ सोसायटी, पमस्यारी युवक मंगल दल, संघर्ष समिति के लोगों में रोष है।