मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र में सरकारी शिक्षा की वास्तविक तस्वीर बजानीधूरा के प्राथमिक विद्यालय में साफ दिखाई देती है। यहां बच्चे हर दिन जर्जर भवन के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। हालात यह है कि हर बारिश में विद्यालय पंचायत घर में शिफ्ट होता है और मौसम ठीक होने पर ही इसमें कक्षाएं संचालित होती हैं।
जोशा ग्राम पंचायत में स्थित इस स्कूल का भवन तीन दशक पहले बनाया गया था। खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण आज इसकी दीवारें चौड़ी दरारों से भरी हैं और छत से उखड़ते सीमेंट व झांकती सरिया किसी भी अनहोनी का संकेत देती हैं। हल्की सी बारिश होते ही छत टपकने लगती है और कक्षा में पानी भर जाता है। मजबूरी में विद्यालय प्रबंधन को बच्चों को पंचायत घर में शिफ्ट करना पड़ता है और मौसम ठीक होने पर ही फिर कक्षाएं स्कूल भवन में चल पाती हैं।
करीब 15 बच्चे रोजाना इसी खतरनाक भवन में पढ़ने आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि भवन का नवनिर्माण प्रस्ताव पिछले एक साल से शासन में लंबित है।
इनका कहना है...
लंबे समय से बच्चे जान जोखिम में डालकर इस विद्यालय में पढ़ रहे हैं। अब तो बच्चों को यहां भेजने से भी डर लग रहा है। इसका नवनिर्माण न कर किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है। - राजेश रोशन, पूर्व प्रधान, जोशा
विद्यालय भवन के नवनिर्माण का प्रस्ताव को स्वीकृति न देकर खतरे को बढ़ाया जा रहा है। बच्चों को कब तक अलग-अगल भवनों में शिफ्ट करेंगे इस बात पर शासन-प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। - तारा देवी, प्रधान, जोशा
जर्जर विद्यालय भवन कभी भी गिर सकता है। शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। जल्द विद्यालय का नवनिर्माण नहीं किया गया तो जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। - आशा देवी, बीडीसी सदस्य, जोशा
कोट
प्राथमिक विद्यालय बजानीधूरा के नवनिर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। उम्मीद है इस प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलेगी। - दिगंबर आर्या, खंड शिक्षा अधिकारी, मुनस्यारी