धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल के अनुरोध पर धारचूला प्रशासन ने ट्रांजिट परमिट की समय सीमा एक महीने बढ़ाई है। प्रशासन के मुताबिक अब तक 2715 ट्रांजिट पास जारी किए गए हैं। दरअसल, चीन सीमा पर नेपाल के छांगरू और तिंकर के ग्रामीणों के लिए भारतीय मार्ग से प्रवास पर जाने के लिए ट्रांजिट परमिट जारी करने की व्यवस्था पहले से ही लागू है।
धारचूला के एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि नेपाल के दार्चुला के सीडीओ ने बीते दिनों छांगरू और तिंकर के ग्रामीणों के लिए ट्रांजिट परमिट जारी करने की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर इसकी समय सीमा एक महीने बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी ट्रांजिट पास की वैधता 31 अक्तूबर तक थी जो अब 30 नवंबर तक वैध रहेगी।
बता दें कि ट्रांजिट परमिट के आधार पर नेपाल में रहने वाले छांगरू और तिंकर के 200 से अधिक शौका परिवार भारत के गर्ब्यांग के सीता पुल से होते हुए छह महीने के लिए प्रवास पर अपने गांव जाते हैं। नेपाल के सीमा के इन गांवों तक सड़क न पहुंचने से इनकी भारतीय मार्ग से आवाजाही होती है। छियालेख से ऊपर नोटिफाइड क्षेत्र होने के कारण स्थानीय भारतीय प्रशासन लोगों को यहां जाने के लिए इनर लाइन परमिट जारी करता है। इसी आधार पर नेपाल के इन दोनों गांवों के ग्रामीणों को ट्रांजिट परमिट जारी करने की व्यवस्था लागू है। इसी परमिट के आधार पर मित्र देश नेपाल के ग्रामीण और स्थानीय भेड़ पालकों को छह महीने के लिए व्यास घाटी में जाने की अनुमति मिलती है।