नंदा महोत्सव में शनिवार को आधी रात के बाद तक लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाते रहे। कलाकारों ने डीडीहाट की छमिया छोरी, दिले लैगैछ चोरी चोरी गीत गाया तो दर्शक झूमने लगे। इसके अलावा मां नंदा की स्तुति में ओ नंदा, सुनंदा तू दैण है जाए। गीत पेश किया तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। झंकार सांस्कृतिक कला मंच बागेश्वर के कलाकारों ने कई कार्यक्रम पेश किए।
रात के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी केदार सिंह रावत ने कहा कि नंदा महोत्सव के बहाने स्थानीय कलाकारों और संस्कृति को मंच प्रदान करने की कोशिश सराहनीय है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी संस्कृति के संरक्षण के प्रति सजग रहना चाहिए। कल रात विद्यासागर पब्लिक स्कूल, सूर्य मांटेसरी स्कूल, प्राथमिक पाठशाला, शिखर इंटर कॉलेज, सीरा पब्लिक स्कूल, वेदा पब्लिक स्कूल, शिशु मंदिर, जीजीआईसी के बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। आज मुख्य अतिथि बीएसएफ के डीआईजी बीएस टोलिया ने कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। श्री टोलिया स्थानीय निवासी हैं और इन दिनों अवकाश पर आए हैं। बाद में छात्रों ने आकर्षक झांकी निकाली। पूरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रही। नंदा महोत्सव में भक्ति, आस्था, लोकरंग के साथ साथ कुमाऊं और गढ़वाल की संस्कृति पर कार्यक्रम हो रहे हैं।
नंदा महोत्सव समिति के अध्यक्ष डीएस पांगती, सचिव संजू पंत, पवन टोलिया, ललित भंडारी, दीवान सिंह भंडारी, रामकुमार, कुंडल कन्याल, चंद्रप्रकाश, धर्मेंद्र टोलिया, गणेश बोरा, प्रकाश बोरा, धन सिंह कफलिया समेत तमाम लोग इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग दे रहे हैं। आसपास के गांवों के लोग देर रात तक कार्यक्रम देख रहे हैं। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस का बंदोबस्त किया गया है।