जिला विकास प्राधिकरण और जल निगम के अधिशासी अभियंता रंजीत सिंह धर्मशक्तू ने पुलिस पर उनके साथ बेवजह अभद्रता करने और एक घंटे तक थाने में बैठाने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि लोगों की शिकायत के बाद उन पर कार्रवाई की गई।
ईई रंजीत सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि भैसखाल के पास पेयजल योजना का कुंआ बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस काम में लगे मजदूरों का मेडिकल और जिला प्रशासन से कार्य की अनुमति लेकर वह पेयजल योजना का काम शुरू कराके लौट रहे थे। नाचनी थाने के पास कंक्रीट का कार्य चल रहा था। जिला विकास प्राधिकरण के ईई होने के अधिकार से उन्होंने उनसे काम न करने को कहा। इसके बाद उन्होंने यहां पर काम की फोटो और वीडियो बनाई और पिथौरागढ़ को रवाना हुए। उनका आरोप है कि पुलिस घटगाड़ के पास से उन्हें वापस थाने ले गई। इसके बाद बलपूर्वक फोन छीनकर फोटो और वीडियो को डिलीट कर दिया।
उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस को परिचय भी दिया, लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज करने की धमकी देती रही। इस मामले में थानाध्यक्ष नाचनी दीपक बिष्ट का कहना है कि उन्होंने उनके साथ कोई अभद्रता नहीं की। थाने के पास गंदगी होने के कारण साफ-सफाई व कंक्रीट का कार्य चल रहा था। स्थानीय महिलाओं की शिकायत के बाद उन पर कार्रवाई की गई।