धारचूला में रविवार की रात नेपालियों को समझाते अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
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धारचूला (पिथौरागढ़)। ‘हुजूर कसिकै ले हमन नेपाल पुजूनै कि व्यवस्था करादी।’ यह दर्द नेपाली नागरिकों का है जो लॉकडाउन के चलते बेरोजगार होकर सीमा पर अपने देश जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से इस बार नेपाली मजदूर विख्यात विषुपति पर्व भी नहीं मना सके। यहां पर 1100 मजदूर फंसे हुए हैं।
सीमा पर पिछले 15 दिन से नेपाली मजदूर फंसे हैं। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, सीओ विमल आचार्य, थानाध्यक्ष विजेंद्र शाह रविवार रात मजदूरों का हाल जानने जवाहर सिंह नबियाल स्टेडियम पहुंचे। शिविर में 336 मजदूर रह रहे हैं। सभी मजदूर स्वस्थ हैं। मजदूरों ने रुंधे गले से अधिकारियों को अपनी समस्या बताई किसी तरह उन्हें नेपाल पहुंचाने की व्यवस्था कर दी जाए। उन्होंने कहा कि शिविर में उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
खाने-रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। भारतीय अधिकारी उनका पूरा ध्यान रख रहे हैं लेकिन उन्हें अपने घर की याद सता रही है। मजदूर जनक टम्टा, प्रताप, रमेश ठगुन्ना, राजेंद्र सिंह, तिलक, पुष्कर बोहरा, मुकेश आदि ने अधिकारियों से कहा कि सभी लोग मजदूरी करते हैं। उनके भारत में फंसे होने से उनका परिवार भी संकट में है।
उन्होंने अधिकारियों से नेपाल सरकार से पत्राचार कर उन्हें अपने वतन भिजवाने की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई। अधिकारियों ने मजदूरों को ढांढ़स दिलाया। उन्हें भजन, गीत गाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वह व्यस्त रह सकें।