थल-मुनस्यारी स्टेट हाइवे में मंगलवार को सात घंटे यातायात बंद रहा। कालामुनि के पास हुए हिमपात के कारण वाहनों की आवाजाही रात एक बजे से बंद हो गई।
मंगलवार सुबह आठ बजे बर्फ हटाने के बाद इस रोड पर यातायात सामान्य हो पाया। मुनस्यारी का न्यूनतम तापमान माइनस 4 में पहुंच गया है। मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित है। मुनस्यारी के आसपास की पहाड़ियों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। खलियाटॉप, बेटुलीधार, नया बस्ती, मिलम, नामिक में लगातार बर्फ गिर रही है।
इधर, जिला मुख्यालय में घने बादल घिरे रहे। दिनभर तेज हवा चलने से तापमान में गिरावट आ गई। आज यहां का न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहने और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना जताई है। निचले इलाकों में कुछ स्थानों पर बौछारें गिरने की भी संभावना है। फिलहाल लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिलेगी। इस बीच जिले के सभी ऊंचाई वाले इलाकों में पारा लगातार गिर रहा है। बेड़ीनाग, डीडीहाट, गंगोलीहाट में ठंड से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है और सुबह भी लोग देर तक काम में नहीं निकल पा रहे हैं।
कैलाश यात्रा मार्ग पर जमकर बर्फबारी
कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर इस बार जमकर हिमपात हुआ है। कुटी, नाभीढांग, छियालेख में तो चार फीट तक बर्फ गिर गई है। आईटीबीपी और एसएसबी की अग्रिम चौकियों के आसपास भारी बर्फ जमा होने से जवानों को चौकियों तक आने जाने में दिक्कत पेश आ रही है। आईटीबीपी अपने नियंत्रण कक्ष से लगातार इन चौकियों के संपर्क में है और जवानों को अतिरिक्त सुरक्षा बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
फसलों पर पड़ेगा गलत असर
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बादल छाए रहने से गेहूं की फसल पर रोग लगने की संभावना भी बन जाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद यदि धूप पड़ती तो फसलों के लिए फायदेमंद होती। बादल छाए रहने से फसलों की ग्रोथ कम हो जाती है और रोग लगने की संभावना भी रहती है।