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मुनस्यारी में पांच मई से होंगी साहसिक खेलों की गतिविधियां

Wed, 27 Apr 2016 10:27 PM IST
दीपक उप्रेती/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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खलियाटॉप - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने मुनस्यारी के पास 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप को ट्रैक आफ द ईयर चुना है। पिछले वर्ष उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल को ट्रैक आफ द ईयर चुना गया था। खलियाटॉप के मुख्य केंद्र में रखकर इस बार पांच मई से मुनस्यारी क्षेत्र में कई साहसिक खेल गतिविधियां संचालित होंगी। यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया ने अब तक 600 नौजवानों का इस ट्रैकिंग के लिए पंजीकरण कर दिया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम भी अपने स्तर से युवाओं के ग्रुप इन खेल गतिविधियों में शामिल करेगा। इस तरह कम से कम 1000 युवाओं के इस खेलों में शामिल होने की उम्मीद है।
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बताया गया कि ट्रैकिंग के लिए मुनस्यारी के बलाती फार्म को कैंपिंग साइट बनाया जाएगा। वहां से अलग-अलग ग्रुप खलियाटॉप, बेटुलीधार, पातलथौड़, नामिक, मिलम, पंचाचूली बेस कैंप, बुर्फू, बोगड्यार समेत आसपास के इलाकों में ट्रैकिंग करेंगे। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य मकसद ट्रैकिंग है, लेकिन अभियान के दौरान संभव होने पर स्कीइंग, पर्वतारोहण, रॉफ्टिंग, रॉक क्लाइबिंग, पैराग्लाइडिंग भी कराई जाएगी। वह कहते हैं कि साहसिक खेलों के बहाने किसी जगह को पर्यटन की दृष्टि से एक्सपोजर देने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत युवाओं के दल एक-एक कर अपनी सुविधा के अनुसार आते रहेंगे। उनको सारी सुविधा यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया की ओर से दी जाएगी। खलियाटॉप नाम से यह आयोजन इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि खलियाटॉप में सालभर कोई न कोई साहसिक खेल गतिविधि होती रहती है।

खलियाटॉप में पेयजल का संकट
खलियाटॉप में पेयजल का गंभीर संकट है। वहां के लिए कोई पेयजल लाइन तो बिछी नहीं है। सिर्फ एक प्राकृतिक स्रोत से वहां पहुंचने वाले पर्यटक प्यास बुझाते हैं। इस बार शीतकाल में कम हिमपात के कारण यह स्रोत अब सूखने लगा है, यदि ट्रैकिंग के समय आने वालों का कैंप खलियाटॉप में किया जाता है तो सबसे बड़ी समस्या पेयजल की हो जाएगी। शायद इसी समस्या को देखते हुए आयोजकों ने कैंपिंग साइट मुनस्यारी के नजदीक बलाती फार्म में बनाने का फैसला लिया है।
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मुनस्यारी में हर सीजन में पहुंचते हैं पर्यटक
मुनस्यारी में हर सीजन में पर्यटक पहुंचते हैं। गर्मियों में मुनस्यारी की शांत वादियां पर्यटकों से गुलजार हो जाती हैं। अक्तूबर के बाद चलने वाले बंगाली पर्यटन सीजन में भी काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। वह दिसंबर के अंत तक चहलकदमी करते हैं। शीतकाल में यदि अच्छा हिमपात हो गया तो स्नो स्कीइंग में हिस्सा लेने वालों की संख्या भी ठीकठाक रहती है। मुनस्यारी में आवास की कोई समस्या नहीं है। निजी होटलों के अलावा केएमवीएन, लोनिवि और वन विभाग के आवासगृह वहां बने हैं।
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