मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग में घिंघरानी के पास फंसे वाहन
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मुनस्यारी-जौलजीबी रोड पर बुधवार रात भारी बारिश के दौरान मलबा गिर गया। इस कारण इस रोड पर 10 घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। घिंघरानी के पास मलबा गिरने से दोनों तरफ वाहन फंस गए। सीमा सड़क संगठन ने सुबह आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया। अपरान्ह करीब एक बजे मलबा हटने के बाद वाहनों को आवागमन शुरू हो गया। इस रोड पर अभी कई स्थानों पर मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। उधर, पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर भी कई जगह मलबा गिरने का खतरा तो बना है, लेकिन अब तक वाहनों की आवाजाही पर ज्यादा रुकावट नहीं आई है।
बीआरओ को सहायक साइड इंचार्ज विशन सिंह पिंगल ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर मलबा हटाने के लिए स्थायी रूप से जेसीबी तैनात की गई है। इस रोड पर बंदरलीमा, गुड़ौली, पिनौड़ीगाड़, लखनपुर में मलबा गिरता रहता है। जौलजीबी से आगे धारचूला तक सड़क की हालत ठीक है, लेकिन धारचूला से तवाघाट तक 27 किलोमीटर लंबी सड़क पर कई डेंजर जोन बने हैं। बारिश के समय इनमें मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। बारिश का क्रम फिर से शुरू होने से सड़कों पर यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश के दौरान ग्वालगांव में मकान ढहा
धारचूला (पिथौरागढ़)। मूसलाधार बारिश के दौरान बुधवार रात करीब दो बजे नगर से सटे ग्वालगांव कस्बे में खड़क सिंह दरियाल का मकान ढह गया। इस मकान में जुम्मा गांव निवासी किन्नू राम पुत्र लाटा राम सपरिवार किराए पर रहता था। किन्नू राम मजदूरी कर परिवार पालता है। मकान ढहने का आभास होते ही परिवार के लोग जान बचाकर घर से बाहर निकल आए। मकान ढहने से इस परिवार के सामने आवास और भोजन का संकट खड़ा हो गया है। मलबे में दबकर सारा राशन, कपड़े, बर्तन नष्ट हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार आईबी मल्ल, पटवारी सदर हुकुम सिंह धामी घटना स्थल पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। तहसीलदार ने कहा कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा। क्षेत्र में रोज रात के समय तेज बारिश होने से लोग भयभीत हैं।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-37.0 एमएम
गंगोलीहाट-8.0 एमएम
बेड़ीनाग-24.0 एमएम
डीडीहाट-20.0 एमएम
मुनस्यारी-5.0 एमएम
धारचूला-19.5 एमएम