हाईस्कूल की स्थापना के बाद से शिक्षकों की तैनाती का इंतजार कर रहे नामिक हाईस्कूल को अतिथि शिक्षक देने में भी शिक्षा विभाग आनाकानी कर रहा है। हाईस्कूल में शिक्षकों के छह पद सृजित हैं, लेकिन केवल तीन ही अतिथि शिक्षकों की तैनाती नामिक में की गई है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी शेष विषयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से गुस्साए नामिक के लोगों ने मुख्य शिक्षाधिकारी के कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
वर्ष 2010 में नामिक में हाईस्कूल खुला, लेकिन एक भी शिक्षक की तैनाती वहां नहीं की गई। न तो स्कूल को प्रधानाचार्य दिया, न अन्य स्टाफ। जूनियर हाईस्कूल में तैनात एकलौते शिक्षक भगवान सिंह जेम्याल को जूनियर और हाईस्कूल की 5 कक्षाओं को पढ़ाने का जिम्मेदारी सौंप दी गई। वर्ष 2015 में 4 अतिथि शिक्षक नामिक हाईस्कूल को मिले। पठन-पाठन पटरी पर लौट रहा था तो अतिथि शिक्षक हट गए। इस बार केवल तीन अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। सामाजिक विज्ञान विषय पर अतिथि शिक्षक की तैनाती नहीं की गई।
नामिक की प्रधान तुलसी देवी का कहना है कि नामिक हाईस्कूल में प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं होने से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। 15 सितंबर को बिर्थी के दौरे पर आए मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों का मामला रखा था। मुख्यमंत्री ने शिक्षा सचिव आरके कुंवर को फोन से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक तैनाती नहीं हुई है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों की तैनाती नहीं होती है तो मुख्य शिक्षाधिकारी का घेराव किया जाएगा।