मुनस्यारी सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में चल रही शीत लहर
पिथौरागढ़/चंपावत। पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में सुबह बादल छाने ठिठुरन बढ़ गई है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मुनस्यारी और धारचूला के ऊंचाई वाले इलाकों में दिन में भी शीत लहर चल रही है। चंपावत के नरसिंहडांडा के दो तालाबों में पानी के जमने से मछली बीज (एकदम छोटी मछली) को नुकसान पहुंचा है।
लोहाघाट क्षेत्र में पाला गिरने से रात और सुबह के वक्त नलों का पानी जम रहा है। कुछ जगह पाइप लाइनें फट गई हैं। पिथौरागढ़ में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस और चंपावत में अधिकतम 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में रविवार सुबह घने बादल छाए रहे, जिससे मौसम काफी ठंडा रहा। निचले इलाकों में भी बादल छाए रहने से सुबह के समय धूप के दर्शन नहीं हुए। लगभग दस बजे मौसम साफ होने के बाद धूप निकली। अभी प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। व्यापारी अपने संसाधनों से अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। मुनस्यारी, नाचनी, तेजम, मदकोट आदि कस्बों में भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। जिलाधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने सार्वजनिक स्थलों में अलाव जलाने की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
चंपावत के नरसिंहडांडा के दो तालाबों में पानी के जमने से मछली बीज (एकदम छोटी मछली) को नुकसान पहुंचा है। मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि ठंड से करीब दो हजार मछली बीज की मौत हो गई है। पानी के जमने से तालाब की निचल सतह तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से मछली बीज को नुकसान पहुंचा है।
इधर, लोहाघाट क्षेत्र में पाला पड़ने के साथ रात और सुबह के वक्त नलों का पानी भी जाम हो जा रहा है। कुछ जगह पाइप लाइनें फट गई हैं। प्रशासन नगर में शाम और रात के समय चार जगहों पर अलाव जला रहा है, लेकिन सुबह के वक्त व्यवस्था न होने से राहगीर, यात्री, दुकानदार और मजदूर ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं।