धन की कमी के कारण अधूरे पड़े खोलियागांव स्थित साहसिक पर्वतारोहण संस्थान का काम फिर शुरू होने की उम्मीद जाग गई है। कई वर्षों से अधूरे पड़े इस संस्थान के शेष काम को पूरा कराने के लिए केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग ने 45 लाख रुपए दिए हैं। कार्यदायी संस्था कुमाऊं मंडल निगम (केएमवीएन) ने शेष काम के लिए टेंडर करा लिए हैं।
तत्कालीन भाजपा सरकार ने साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2001 में खोलिया गांव में साहसिक पर्वतारोहण संस्थान को मंजूरी दी। प्राथमिक चरण में संस्थान के लिए 60 लाख रुपए मंजूर किए गए। निर्माण का काम उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को दिया गया, लेकिन धन की कमी के कारण संस्थान का काम पूरा नहीं हो सका। सांसद अजय टम्टा के प्रयासों के बाद हाल ही में केंद्र सरकार ने संस्थान के लिए 45 लाख रुपए प्रदान कर दिए हैं। शेष काम को पूरा कराने का जिम्मा केएमवीएन को दिया गया है। केएमवीएन ने शेष कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। इससे संस्थान के जल्द तैयार होने की उम्मीद बढ़ गई है।
कई अधूरे काम होंगे पूरे
केएमवीएन के जूनियर अभियंता राजेश तिवारी ने बताया कि संस्थान के अधूरे काम को पूरा कराने के लिए केंद्र से 45 लाख रुपए मिले हैं। इस राशि से हास्टल, डोरमेट्री के साथ ही अन्य अधूरे काम पूरे कराए जाएंगे। जल्द कक्षाएं संचालित कराने के प्रयास किए जाएंगे।