धारचूला और मुनस्यारी के बीच में मवानीदवानी में गोरी में बना झूलापुल जानलेवा हालत में पहुंच गया है। सितंबर 2014 में इस झूलापुल से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके बाद भी पुल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है। अब इस पुल की मरम्मत की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग दो फरवरी से आंदोलन करने वाले हैं।
बताया गया कि झूलापुल की एक चेन जून 2013 की आपदा के समय टूट गई थी। इससे पुल टेड़ा हो गया। लोगों के पास नदी को आरपार करने का कोई अन्य साधन न होने के कारण इसी पुल से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। 19 सितंबर 2014 को इसी खतरनाक पुल से गिरकर मवानीदवानी निवासी नारायण सिंह की मौत हो गई थी। इस पुल से मवानीदवानी, माणीधामी, दाखिम, धामीगांव, घरुड़ी के लोग आवाजाही करते हैं।
भाजपा जिला प्रवक्ता जगत मर्तोलिया ने इस अनदेखी पर आश्चर्य जताते हुए कहा है कि एक ओर सरकार आपदा प्रभावित इलाकों में तेजी से पुनर्निर्माण के काम होने का दावा करती है। दूसरी ओर ऐसे जानलेवा पुलों की मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि दो फरवरी से क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आशंका जताई है कि पुल की मरम्मत के नाम पर धन खर्च कर दिया गया होगा और लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है।