पिथौरागढ़/डीडीहाट/गणाईगंगोली। जिले में कोरोना नियमों को लेकर प्रदेश सरकार की जारी गाइडलाइन के अनुसार दिन में दो बजते ही अधिकतर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हो गए। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें खुली रहीं।
बुधवार को बाजार में भीड़ कम रही। सुबह लोग राशन, सब्जी समेत अन्य जरूरी सामान दुकानों से खरीदते रहे। दुकानदारों ने भी लोगों को मास्क पहनने के बाद ही सामान दिया। सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया गया। दो बजे बाद केएमओ स्टेशन, रोडवेज स्टेशन, टनकुपर स्टैंड, सिल्थाम, बैंक रोड, सिमलगैर, गांधी चौक, टकाना, लिंक रोड, जीआईसी में सन्नाटा पसर गया। डीडीहाट में भी दो बजे बाद नगर में सुनसानी छाई रही। गणाईगंगोली में दो बजे बाद एक-दुक्का जरूरी सामान की दुकानें ही खुल रहीं। बेड़ीनाग और गंगोलीहाट की बाजारों में भी सन्नाटा रहा। कनालीछीना में दुकानें खुली रहीं, लेकिन ग्राहकों के नहीं आने से दुकानों को बंद करना पड़ा। हालांकि कई परचून और सब्जी के व्यापारी जरूरी वस्तुओं की दुकानों के खुला रहने पर असमंजस में नजर आए।
व्यापार संघ अध्यक्ष ने बंद को बनाया सफल
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा और गोविंद जोशी ने बाजार में बाइक में घूम-घूम गाइड लाइन का पालन कराया। उन्होंने दो बजे के बाद व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की। इधर लोगों ने सरकार के कोरोना नियमों को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार के नुमाइंदे चुनावी रैलियां कर रहे हैं। तब कोरोना को लेकर कोई याद नहीं आई।
बंद की सूचना न मिलने से खुले रहे बाजार
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। नगर से लगे वड्डा, मूनाकोट, बड़ालू, गौरीहाट, मजिरकांडा और झूलाघाट के बाजार दोपहर दो बजे बाद भी खुले रहे। व्यापारियों ने बंद की कोई भी सूचना नहीं मिलने की बात कही। स्थानीय प्रशासन, पुलिस ने कस्बों में बंद के लिए मुनादी तक नहीं कराई। कोरोना के कारण झूलाघाट कस्बे में तो दुकानें खुली रहीं। नेपाल से कोई ग्राहक खरीदारी के लिए नहीं आया। झूलाघाट थाना प्रभारी टीएस राणा ने बताया कि बड़ालू, गोरीहाट, मंजिरकाडा, भटेड़ी कस्बों में शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक पूर्ण बंदी की मुनादी कराई गई है।