नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के बैतड़ी जिले के दशरथ चंद नगरपालिका आठ में स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी (मां रणसैनी भगवती) के मंदिर में बुधवार को मुख्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इस दौरान 154 बकरे और 76 भैंसों की बलि दी गई।
मां रणसैनी भगवती मंदिर के गर्भ गृह से विधिविधान से पूजा-अर्चना कर देवी का डोला उठाया गया। मान्यता है कि डोला उठने के बाद मां भगवती अपने मायके कापड़ी गांव जाती है। यहां ढोल नगाड़ों के साथ मां रणसैनी भगवती का स्वागत कर पूजा की जाती है। कापड़ी गांव से लौटने के बाद मां का डोला मंदिर परिसर में घुमाया जाता है। इस दौरान पूरा वातावरण मैया के जयकारों से गुंजायमान हो जाता है। श्रद्धालुओं मां से मनोकामनाएं पूरी होने का वरदान मांगते हैं। मां भगवती सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती हैं।
मनोकामनाएं पूरी होने के बाद श्रद्धालु बलि देते हैं। यहां सुदूर पश्चिम प्रदेश के प्रदेश प्रमुख देवराज जोशी, पूर्व मुख्य मंत्री राजेंद्र सिंह रावल, कंचनपुर प्रदेश सभासद बहादुर सिंह थापा, दिवान सिंह बिष्ट समेत भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चाय, पानी और रात्रि विश्राम के लिए कंबल, तिरपाल और लकड़ी की व्यवस्था की थी। मेले में शांति व्यवस्था के लिए मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ जिला प्रशासन, नेपाली सशस्त्र बल, पुलिस के जवान मौजूद रहे।
झूलापुल पर लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार
झूलाघाट। बुधवार सुबह मां रणसैनी भगवती मंदिर में भारत से नेपाल जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने से झूला पुल पर लंबी कतार लग गई। एसएसबी की ओर से पुल पर आने जाने वाले सभी लोगों से पहचान पत्र दिखाने को कहा गया। एसएसबी ने नाम, पता रजिस्टर में अंकित करने के बाद ही लोगों को जांच कर आवागमन करने दिया। संवाद