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गुड़, मिश्री की नहीं होती एक्सपायरी, इसलिए तिब्बत नहीं ले जाएंगे व्यापारी

Wed, 20 Apr 2016 10:08 PM IST
कृष्णा गर्ब्याल/अमर उजाला, धारचूला
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गुड़ - फोटो : अमर उजाला
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तिब्बत की मंडी तकलाकोट में इस बार भारतीय गुड़ और मिश्री की मिठास गायब रहेगी। चीन सरकार ने पिछले साल ही यह आदेश जारी कर दिया था कि तिब्बती मंडी में खुला सामान बेचने पर रोक रहेगी। हर सामान पर उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट होना जरूरी होगा। गुड़ और मिश्री में ऐसा कर पाना संभव नहीं है। साथ ही गुड़ और मिश्री को डिब्बा बंद भी नहीं किया जा सकता। चीन के अधिकारियों ने गत वर्ष यह भी कहा था कि खुला सामान बेचने से गंदगी फैलती है और यह बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चीन सरकार के इस फैसले से इस बार भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार को गहरा झटका लगने की संभावना है, क्योंकि इस व्यापार में गुड़ और मिश्री का ही सबसे ज्यादा निर्यात होता है। पिछले साल चीन के अधिकारियों की ओर से सुनाए गए फरमान को देखते हुए इस बार सीमांत के व्यापारियों ने गुड़ और मिश्री मंगाना बंद कर दिया है।
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के 120 पुराने इतिहास को टटोला जाए तो पता चलेगा कि तिब्बत में भारतीय गुड़ और मिश्री की ही सबसे ज्यादा खपत होती है। हर साल सीमांत के व्यापारी दो लाख भेली गुड़ और 20 हजार किलोग्राम मिश्री तिब्बत की मंडी पहुंचाते थे। यह सारा सामान घोड़ों और खच्चरों में लादकर ले जाया जाता है। करीब पांच हजार खच्चरों और घोड़ों को मिलने वाला भाड़ा भी इस फैसले के कारण बंद हो जाएगा।

भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सचिव दौलत सिंह रायपा और बुजुर्ग व्यापारी दीवान सिंह गर्ब्याल ने बताया कि चीन सरकार के अधिकारियों ने वर्ष 2015 में व्यापार अवधि समाप्त होने से ठीक पहले अक्तूबर में इस बात के सख्त आदेश जारी कर दिए थे कि अगली बार से खुले में गुड़ और मिश्री की बिक्री नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसी कारण इस बार गुड़ और मिश्री को निर्यात के लिए तैयार नहीं किया गया है। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार हर साल जून में शुरू होता है और 31 अक्तूबर को समाप्त हो जाता है।
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गुड़ को गुरम और मिश्री को करग
तिब्बत में गुड़ को गुरम और मिश्री को कुरग कहा जाता है। गुड़ एवं मिश्री तिब्बतियों और चीनी लोगों को बेहद पसंद है। गुड़ और मिश्री को भारत में देशी तरीके से तैयार किया जाता है। तिब्बत ले जाने से पहले लोग गुड़ की पैकिंग करते थे। गुड़ की पैकिंग का काम करने वाले करीब 30 परिवारों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

गुड़ और मिश्री की पैकिंग व्यवस्था नहीं
चीन सरकार के इस फैसले की जानकारी भारतीय अधिकारियों को नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यदि व्यापारियों को यह फरमान सुना दिया गया है तो चीन सरकार जरूर उसका पालन कराएगी। भारत में गुड़ और मिश्री का उत्पादन तो बहुत होता है, लेकिन उसकी पैकिंग की कोई सुविधा नहीं है।
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