नगर की एक लाख आबादी को पर्याप्त पानी देने के लिए 12 लाख लीटर रोजाना (एमएलडी) पानी चाहिए लेकिन इस समय सभी योजनाओं और स्रोतों से मिलाकर सिर्फ 5 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर में पेयजल की स्थिति कैसी होगी। अभी जल संस्थान ने यह कोशिश जारी रखी है कि हर इलाके को थोड़ा-थोड़ा पानी रोज मिलता रहे और टैंकरों से पानी वितरण की नौबत न आए, लेकिन यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में जल संस्थान को टैंकरों का सहारा जरूर लेना पड़ जाएगा।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि घाट पंपिंग योजना से 3 एमएलडी, ठुलीगाड़ एवं अन्य योजनाओं से मिलाकर करीब 2 एमएलडी पानी जुटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंपों को रात-दिन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। लोग प्राकृतिक स्रोतों, सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट, हैंडपंपों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
भैलोत योजना का पानी दिसंबर से बंद
पिथौरागढ़। भैलोत स्रोत से नगर को आने वाला पानी दिसंबर से बंद है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि लोग इस पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए करते हैं। दिसंबर से भैलोत का पानी नहीं आ रहा है। इस बार सबसे बड़ा संकट ठुलीगाड़ पंपिंग योजना ने खड़ा किया है। ठुलीगाड़ में पानी लगभग सूख चुका है। यह नदी लोकल स्रोतों से बनी है। नदी की लंबाई भी ज्यादा नहीं है।
बेड़ीनाग में पानी को लेकर हाहाकार
बेड़ीनाग। 15 हजार की आबादी वाले बेड़ीनाग नगर में पेयजल को लेकर हाहाकार मचने लगा है। जल संस्थान वाहनों से पानी बांट तो रहा है, लेकिन इतनी आबादी की पूर्ति वाहनों से आने वाले पानी से नहीं हो पा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि अब स्थिति लगातार गंभीर हो रही है। नगर क्षेत्र में लगे जल संस्थान के सभी हैंडपंप सूख गए हैं। ग्रामीण अंचलों में जहां जल संस्थान के टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं वहां लोग भारी मुसीबत में हैं। स्रोतों के पानी को लोग रातभर जागकर एकत्र कर रहे हैं।
डीडीहाट में एक और स्रोत सूखा
डीडीहाट। नगर के लिए जिन नौ स्रोतों का पानी एकत्र कर बांटा जाता है। इन स्रोतों में मंगलवार को एक और स्रोत सूख गया है। इससे पहले चार स्रोत सूख गए थे। अब मात्र चार स्रोतों से नाममात्र का पानी मिल रहा है। जल संस्थान एक दिन छोड़कर पानी बांट रहा है। नगर में जल संस्थान टैंकर और पिकअप से पानी बांटने में लगा है। कुछ संस्थाएं और अर्द्धसैनिक बल भी पानी बांटने में सहयोग कर रहे हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि लोगों के सहयोग से स्थिति को नियंत्रण में रखा जा रहा है।