प्राथमिक विद्यालय बुंगाछीना में लकड़ी की आग में बनता दोपहर का भोजन
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एक ओर सरकार महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस के कनेक्शन दे रही है। वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बुंगाछीना की भोजन माताओं को लकड़ी जलाकर विद्यार्थियों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे-मील) बनाना पड़ रहा है। इस स्कूल से चोर दो बार रसोई गैस सिलिंडर चोरी हो चुके हैं। इनका न तो पुलिस पता लगा पाई है और न ही शिक्षा विभाग स्कूल के लिए सिलिंडर की व्यवस्था कर पाया।
बुंगाछीना के प्राथमिक पाठशाला से 16 अप्रैल 2016 को रसोई गैस सिलिंडर चोरी हुआ था। इसकी रिपोर्ट प्रधानाध्यापिका यशोदा राज ने थल पुलिस थाने में लिखाई, लेकिन पुलिस चोरों का पता लगाने में नाकाम रही। प्रधानाध्यापिका ने अपने घर से रसोई गैस का सिलिंडर लाकर विद्यालय में रखा। एक अप्रैल 2017 को एक बार फिर चोरों ने स्कूल में धावा बोला और रसोई गैस सिलिंडर चुरा लिया। इस बार भी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन चोर पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। अब स्थिति यह है कि सिलिंडर चोरी होने से 30 विद्यार्थियों का भोजन स्कूल के खुले मैदान में लकड़ी की आग में बनाना पड़ रहा है। आग के धुएं से भोजन माताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार ने विद्यालय में रसोई गैस का सिलिंडर नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मामले को मुख्य शिक्षाधिकारी के सामने उठाया जाएगा। चोरियों के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की जाएगी। उधर, स्कूल की प्रधानाध्यापिका यशोदा राज का कहना है कि सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। कहती हैं कि लकड़ी की आग में भोजन बनाना मजबूरी है।