पिथौरागढ़ जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन करते दौला बस्ते गांव के लोग
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दौला और बस्ते के लोगों ने नगरपालिका में शामिल करने के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को सौंपे पत्र में लोगों ने नगरपालिका में शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
दौला के प्रधान भूपेश नगरकोटी, बस्ते के प्रधान मोहन चंद्र शर्मा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने कहा कि दोनों ग्राम पंचायतों को जबरन पालिका में मिलाया जा रहा है। दौला के लोगों का कहना था कि ग्राम पंचायत की 50 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर करती है। ग्राम पंचायत में 36 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जो कुल भूमि का 48 प्रतिशत है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दौला की जनसंख्या 1768 है। दौला को नगर क्षेत्र में मिलाने के लिए गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। नगर पालिका में शामिल होने से ग्राम पंचायत की गौचर भूमि खतरे में पड़ जाएगी।
बस्ते के लोगों ने डीएम को दिए पत्र में कहा कि ग्राम पंचायत के 122 परिवारों में से 48 प्रतिशत परिवार खेती से अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। ग्राम पंचायत के लोगों के अपने पनघट, वन पंचायत है। नगरपालिका में शामिल होने से वन पंचायत पर भी गांव के लोगों का अधिकार नहीं रह जाएगा। प्रदर्शन में चंद्र प्रकाश पुनेड़ा, धनौड़ा की प्रधान बबीता चंद, अशोक चंद, ऊषा शर्मा, हरीश शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर चंद, सुनील शर्मा, मनोज शाही आदि शामिल थे।