टनकपुर-जौलजीबी सड़क के रुके काम को शुरू करने आई जेसीबी सड़क पर माइक्रोहाइडिल का पाइप आने से लौट गई। इससे सड़क शीघ्र बनने की उम्मीद लगाए क्षेत्र के लोगों में एक बार फिर मायूसी छा गई।
महाकाली नदी के किनारे बन रही सामरिक महत्व की टनकपुर-जौलजीबी सड़क का काम एक वर्ष पहले मलबा आने से हुई ठेकेदार की मौत के बाद से बंद पड़ा है। साढ़े चार किमी रुके कार्य का टेंडर कुछ दिन पहले जीडीएस इंफ्रास्ट्रक्चर का हुआ है। 1.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क से सुनखोली, रज्यूड़ा, अमतड़ी, खर्कतड़ी, पंतसेरा सहित 10 गांवों की करीब पांच हजार की आबादी को फायदा मिलेगा और जौलजीबी, धारचूला की दूरी करीब 15 किमी कम हो जाएगी। अभी सड़क झूलाघाट से तालेश्वर और जौलजीबी से ड्यौड़ा तक ही बनी है।
सड़क का अधूरा कार्य पूरा करने को लेकर दो सप्ताह पहले क्षेत्र के लोगों ने महाकाली की आवाज संगठन के बैनर तले धरना भी दिया था। उसके बाद लोनिवि अस्कोट ने ठेकेदार को काम शीघ्र करने के आदेश दिए। कुछ दिन पहले ठेकेदार ने काम शुरू किया। सड़क पर तालेश्वर परियोजना का पाइप आने से फिर से काम रुक गया है।
तालेश्वर के पास कटिंग के दौरान पाइप आने से काम रुका है। माइक्रोहाइडिल, उरेडा और लोनिवि की टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर लिया है। वहां पर कलवर्ट बनाने का काम शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।
-दीपक गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि अस्कोट।