थल-सातसिलिंग सड़क पर पांच साल से नहीं बनी नाली
सरकार एक ओर सड़क सुधारीकरण कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इस धन का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। थल-सातसिलिंग मार्ग पर पिछले पांच साल से नाली निर्माण न होने से सौ मीटर तक कीचड़ में ही आना जाना हो रहा था। संबंधित विभाग से निराश होकर शनिवार को व्यापार संघ अध्यक्ष बलवंत सत्याल के नेतृत्व में व्यापारियों ने नाली बनाकर कचरे का निस्तारण किया।
थल-सातसिलिंग सड़क का कचरा सौ मीटर दूर थल-मुनस्यारी रोड में स्थित पुल तक फैला हुआ है। यहां बारिश हो या धूप हर समय कीचड़ में ही वाहनों की आवाजाही होती है। पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस स्थान पर अक्सर जाम भी लगते रहता है। लगातार पानी होने से सड़क का सारा डामर उखड़ चुका है। लोगों का कहना है कि विभाग को कई बार सूचना दी गई लेकिन, विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, जबकि इसी वर्ष थल-सातसिलिंग मार्ग सुधारीकरण के लिए 44 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं, इसके बावजूद भी बाजार के नजदीक सौ मीटर सड़क पर सुधारीकरण कार्य नहीं किया गया है। वैसे ही पुल जीर्णशीर्ण हालत में है, लोग पुल के मरम्मत की मांग कर रहे हैं। दूसरा ऊपर से उसी सतह में सड़क का पानी लगातार बह रहा है। ऐसे मेें पुल को और क्षति होने की संभावना है। थल-डीडीहाट और थल-सातसिंलिंग सड़क पर भी जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। उधर, एडीबी डीडीहाट के सहायक इंजीनियर भैरव नाथ गोस्वामी का कहना है कि नाली निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। पांच छह दिन निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।