पिथौरागढ़। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बरसात में आपदा नियंत्रण की तैयारियों के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागवार आपदा पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने धारचूला में लामारी के पास लंबे समय से बनी झील का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर मुनस्यारी में राशन आपूर्ति जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात में सुरक्षित प्रसव के लिए भी सूची बनाने के लिए कहा ।
जिला सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में डीएम ने कहा कि बंगापानी समेत धारचूला तहसील के छिरकिला और ढाकर (तेदांग) में रीजनल रिस्पांस सेंटर बने हैं। इनमें आवश्यक उपकरण और आवश्यक सामान उपलब्ध दिया गया है। शेष जरूरी सामग्री की की सूची डीएम कार्यालय में जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा। डीएम ने सभी अधिकारियों को बरसात में मोबाइल फोन को 24 घंटे ऑन रखने और वाहन चालकों सहित अधीनस्थों को फोन ऑन रखने के लिए कहा। डीएम ने सीएमओ से गर्भवतियों और उनके प्रसव के अनुमानित समय का विवरण रखने, यूपीसीएल के अधिकारियों को झूलते तारों को कसने, धारचूला में चोक नाले और नालियों को खोलने, सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों को भूस्खलन जोन का चिह्नीकरण कर इन स्थानों पर जेसीबी उपलब्ध रखने के लिए कहा।
डीएम ने एसडीएम और एसई सिंचाई को क्षतिग्रस्त नाचनी पुल और एसडीएम और एसई लोनिवि को सेराघाट पुल का स्थलीय निरीक्षण कर पुलों की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को मुनस्यारी क्षेत्र में राशन की आपूर्ति जल्द करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम एफआर चौहान, पीडी डीआरडीए आशीष पुनेठा, सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी, प्रभारी अधिकारी कलक्ट्रेट अनुराग आर्य, जिला पूर्ति अधिकारी चित्रा रौतेला, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर आदि रहे।
सरकारी अस्पतालों में बढ़े संस्थागत प्रसव
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक की। मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा कर डीएम ने सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने सभी प्रसव केंद्रों की सूची मांगी और नए प्रसव केंद्र बनाने की भी जानकारी ली।
उन्होंने सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल को जिले के दूरस्थ क्षेत्र पंचेश्वर में उपलब्ध अन्य विभागीय गेस्ट हाउस भवन में नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के सहयोग से साप्ताहिक रूप से रोस्टर बनाकर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सामान्य ओपीडी सुविधाएं शुरू करने के निर्देश दिए।
जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में टेलीमेडिसन सेवा प्रभावी विकल्प है, जिसके लिए इंटरनेट सेवा की उपलब्धता वाले सभी क्षेत्र में विशेष एवं अतिरिक्त ध्यान दिया जाए। बैठक में एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडे, डॉ. श्वेता खर्कवाल, सीईओ जितेंद्र सक्सेना, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।