पिथौरागढ़। डीएम आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को जिला सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जंगल की आग रोकने की समीक्षा की।
डीएफओ डॉ. विनय कुमार भार्गव ने कहा कि नवंबर 2020 के बाद जिले में आग की 191 घटनाएं हुईं हैं, जिनमें कुल 326.25 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
जिले में 77 क्रू स्टेशन, पांच वाच टावर समेत जिला मुख्यालय में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें 24 घंटे कार्मिकों की तैनाती की गई है।
डीएम ने कहा कि आग बुझाने में विशेष सहयोग देने वालों को सम्मानित किया जाएगा जबकि आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
आग की रोकथाम और समन्वय के लिए प्रत्येक रेंज स्तर पर एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने को कहा। वह रेंज क्षेत्र की प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे।
डीएम ने अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, आग की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर टीम भेजकर आग रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने दो दिन के भीतर प्रत्येक गांव में ग्राम प्रधान, सरपंच वन पंचायत, क्षेत्रीय आरएसआई, वीडीओ, वन आरक्षी की टीम गठित करने के निर्देश दिए।
डीडीओ से प्रत्येक गांव में तीन माह के लिए मनरेगा से ग्रामीणों की तैनाती का प्रस्ताव मांगा। इस दौरान एडीएम आरडी पालीवाल, डीडीओ गोपाल गिरी, एसडीएम सदर तुषार सैनी, सीओ आरएस रौतेला, एसडीओ एचसी पंत आदि रहे।