धारचूला नगर में शुक्रवार से मीट की दुकानें बंद हो जाएंगी। इसके लिए नगरपालिका ने बाकायदा नोटिस भी जारी कर दिया है। नगरपालिका का नोटिस मिलने के बाद मीट व्यापारियों में हड़कंप मचा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से मिले एक आदेश के आधार पर यहां के पशु चिकित्साधिकारी ने एक अप्रैल से स्लाटर हाउस में कटने वाले पशुओं का मेडिकल करने से मना कर दिया था। तब से बिना मेडिकल के ही बकरियों को काटा और बेचा जा रहा था। पशु चिकित्साधिकारी डा. केके जोशी और फार्मेसिस्ट महेंद्र सिंह ने बताया कि जब तक मीट विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस नहीं होंगे तब तक काटे जाने वाली बकरियों का मेडिकल कर पाना संभव नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि नगरपालिका से वैध लाइसेंस धारक मीट व्यापारियों को ही मेडिकल की सुविधा दी जा सकेगी।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी श्रीकांत ने बताया यहां के मीट व्यवसायियों को जो लाइसेंस जारी किए गए थे वह 31 मार्च तक ही वैध थे। नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। व्यापारियों की ओर से आवेदन तो आए हैं, लेकिन नए नियम के अनुसार अब मीट व्यापारियों के लाइसेंस खाद्य सुरक्षा विभाग से जारी होंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ दिन का समय लग सकता है। तब तक व्यापारियों से मीट न बेचने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस के किसी को भी मीट बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्यापारियों को नए लाइसेंस जारी होने तक दुकान बंद रखने को कहा गया है। धारचूला नगर में रोजाना करीब तीन क्विंटल मीट की बिक्री होती है। यहां पर मीट की 17 दुकान हैं।