वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के विरोध में व्यापारियों की बाजार बंदी सफल रही। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के साथ ही तमाम बाजार बंद रहे। लोग चाय, पानी तक के लिए तरस गए। बाजार बंदी से पिथौरागढ़ जिले में करीब 20 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय का बाजार पूरी तरह बंद रहा। मेडिकल सेवा के अलावा कोई भी प्रतिष्ठान नहीं खुले थे। लोगों, को चाय, पानी, भोजन के लिए भी तरसना पड़ा। व्यापारियों ने अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। व्यापारियों ने जीएसटी लागू करने का तो समर्थन किया, लेकिन कहा कि जीएसटी का वर्तमान स्वरूप स्वीकार्य नहीं है। जीएसटी में व्यापारियों को जेल डालने का प्रावधान समाप्त किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने त्रैमासिक रिटर्न भरने का प्रावधान करने की मांग की है। जीएसटी कर दाताओं को कनाडा, आस्ट्रेलिया आदि देशों की तरह निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने समेत कई मुद्दों को उठाया है। इस दौरान उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पवन जोशी, नगर अध्यक्ष शमशेर महर आदि थे।
गंगोलीहाट का बाजार भी पूरी तरह बंद रहा। व्यापार मंडल सुरेंद्र रावल के नेतृत्व में एकत्र व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में नारे लगाए। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी के कुछ प्रावधानों को लेकर व्यापारियों ने सरकार के सामने आपत्ति लगाई है। आपत्तियों का निराकरण होना चाहिए।
जीएसटी के विरोध में नेपाल सीमा से सटे धारचूला का बाजार पूरी तरह बंद रहा। लोगों को आवश्यक सामान भी नहीं मिल पाया। लोगों को आवश्यक सामान के लिए नेपाल के दार्चुला जाना पड़ा।
मुनस्यारी में भी जीएसटी के विरोध में व्यापारी एकजुट दिखे। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जीएसटी के प्रावधानों में बदलाव की मांग की। कहा कि व्यापारियों का अहित हुआ तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
जीएसटी के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। व्यापार मंडल अध्यक्ष टिकेंद्र पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी पर व्यापारियों की आशंकाओं का सरकार ने समाधान करना चाहिए। जीएसटी से छोटे व्यापारियों को दिक्कतें हुई तो आंदोलन छेेड़ दिया जाएगा। बैठक में व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, सचिव मनमोहन पंत, कोषाध्यक्ष मनोज उपाध्याय, बसंत भंडारी, हरीश पंत, इंद्र बहादुर पाल आदि मौजूद थे।
जीएसटी के विरोध में थल के बाजार में भी व्यापारिक गतिविधि ठप रही। व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। बाजार बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जरूरी सामान के लिए इधर, उधर भटकना पड़ा।
जीएसटी के विरोध में डीडीहाट का बाजार भी बंद रहा। व्यापारियों ने कहा जीएसटी के जिन प्रावधानों में व्यापारियों को आशंका है, उसका समाधान किया जाना चाहिए। जीएसटी से व्यापारी दिक्कत में आए तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।