Make communication service cry, do you fly pigeons again to ask for well being?
मूनाकोट(पिथौरागढ़)। भारत-नेपाल सीमा से लगे सेल सल्ला के लोगों ने हाथों में मोबाइल लेकर बदहाल संचार सेवाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि देश में 4जी और 5जी की बात हो रही है लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें बेहतर संचार सेवाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण वह बाहर रह रहे अपने बच्चों की कुशलक्षेम नहीं पूछ पा रहे हैं। ऐसे में क्या उन्हें पुराने समय की तरह कबूतरों के माध्यम से अपनों से संपर्क स्थापित करना होगा।
मंगलवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सेल सल्ला गांव के युवाओं और बच्चों ने ग्राम प्रधान राकेश सिंह घटाल के नेतृत्व में हाथों में मोबाइल लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रधान ने कहा सीमा क्षेत्र में मोबाइल टॉवर तक स्थापित नहीं किए गए हैं, जिस कारण मोबाइल फोन शोपीस बने हैं। यहां के ग्रामीणों को सिग्नल खोजने के लिए दो से तीन किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार ऑनलाइन पढ़ाई की बात तो कर रही है लेकिन बगैर संचार सुविधा के ये मुश्किल है। उनका कहना है कि इससे अच्छी संचार व्यवस्था तो पड़ोसी देश नेपाल की है। इस कारण सीमा क्षेत्र में बसे लोगों के लिए नेपाल के सिम का प्रयोग करना मजबूरी बन गया है। उन्होंने संचार व्यवस्थाएं शीघ्र ठीक नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पांच दिनों से 2जी सेवा भी नहीं
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। सल्ला चिंगरी क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से 2जी नेटवर्क ना होने से बेसिक फोन चलाने वाले लोग भी परेशान हैं। नौकरी के लिए बहार गए युवक-युवतियों का भी अपने परिजनों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।