पिथौरागढ़ में महर्षि महेश योगी के जन्म शताब्दी कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी
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महर्षि महेश योगी के जन्म शताब्दी के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। आज ही के दिन 1917 में रायपुर छत्तीसगढ़ में पैदा हुए महर्षि महेश ने भारतीय वेदों में मौजूद ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देते हुए सरल भाषा में पूरी दुनिया में प्रसारित करने का काम किया था। यहां महर्षि विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संजीव पांडे ने कहा कि पूरे वर्ष जन्म शताब्दी के कार्यक्रम चलेंगे।
विद्यालय में बृहस्पतिवार को महर्षि के चित्र पर माल्यार्पण के बाद विशेष पूजा की गई। प्रधानाचार्य ने कहा कि महर्षि ने जीवन को आनंद उठाने की चीज कहा था। इसमें संघर्ष नाम की चीज नहीं होनी चाहिए। उन्होंने महर्षि महेश योगी के मुख्य विचारों को सुनाते हुए कहा कि इन विचारों में धरती पर स्वर्ग को साकार करने की क्षमता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे। वहीं, बेड़ीनाग के महर्षि विद्या मंदिर में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष पूजन के बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। महर्षि महेश के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया गया।