गंगोलीहाट महाकाली मंदिर में सहस्त्रचंडी पाठ करते पंडित
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सहस्त्रचंडी महायज्ञ और श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के चलते गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में खासी रौनक बनी है। दिनभर मंदिर वेदमंत्रों से गुंजायमान हो रहा है। मंदिर में रोज शाम को लग रहे भंडारे में करीब एक हजार लोग प्रसाद (भोजन) ग्रहण कर रहे हैं।
आयोजन के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सुबह मुख्य यजमान डा. रनवीर रावल ने सपत्नीक देवी पूजन, मंडप पूजन, पूर्वांग पूजन, आचार्य एवं ब्राह्मण पूजन, वरण और पुस्तक पूजन किया। मंदिर में 108 ब्राह्मणों ने चंडी पाठ किया। क्षेत्र के कई मंदिरों में पंडितों ने पूजा-अर्चना की। दोपहर दो से शाम 5 बजे तक आचार्य मनोज पांडे ने प्रवचन देते हुए देवी की महिमा का बखान किया। उन्होंने देवी को सर्वशक्तिमान बताते हुए कहा कि देवी की शरण में आने वाला कभी निराश नहीं रहता। उन्होंने गंगोलीहाट के लोगों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन लोगों को मां काली का सानिध्य मिला है।
मंदिर में भंडारे की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जा रही हैं। करीब तीन क्विंटल आटे की पूरी बनाई जा रही हैं। महिला, पुरुष, युवा भंडारे के व्यंजन बनाने में मदद कर रहे हैं। सारे इलाके के लोग भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। देर रात तक भजनों का दौर चल रहा है। महायज्ञ का पारायण 24 मई को यज्ञ, पूर्णाहुति के साथ होगा।