अस्कोट(पिथौरागढ़)। अस्कोट क्षेत्र के रसगाड़ी, हिनकोट और बेड़ा सहित आसपास के गांवों के 200 से अधिक उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस रिफिल कराने के लिए सात किलोमीटर दूर नहीं भटकना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही गैस वितरण का निर्णय लिया गया है जिससे उपभोक्ताओं को सिलिंडर पीठ पर ढोकर लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी।
अस्कोट में 25 से अधिक गांवों की सात हजार की आबादी के लिए पहले केवल एक ही स्थान पर गैस वितरण की व्यवस्था थी, जहां अत्यधिक भीड़ के कारण कई बार उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ता था। इस गंभीर समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद इंडेन गैस एजेंसी ने प्रभावित गांवों में ही रसोई गैस वितरित करने का बड़ा निर्णय लिया है। इस पहल से ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों बचेगा।
बोले लोग-
रसगाड़ी का बेड़ा क्षेत्र हाईवे से लगा हुआ है। यहां गैस रसोई गैस वितरण नहीं होने से उपभोक्ता परेशान थे। अब बेड़ा में ही गैस वितरण होने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
-रेखा धामी, ग्राम प्रधान, रसगाड़ी
बेड़ा और हिनकोट के लोग सिलिंडर रिफिल कराने के लिए इन्हें सिर और कंधों में रखकर सात किलोमीटर दूर अस्कोट जाते हैं। इन गांवों के पास ही गैस वितरण की सुविधा मिलने से उपभोक्ताओं की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।
-कमला पाल, बीडीसी सदस्य, रसगाड़ी-हिनकोट
हिनकोट और रसगाड़ी के बीच बेड़ा में रसोई गैस का का वितरण किया जाएगा। दो या तीन सितंबर से यह व्यवस्था शुरू होगी। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सिलिंडर रिफिल कराने के लिए अस्कोट वितरण केंद्र नहीं जाना होगा।
-रोमा खड़ायत, प्रबंधक, इंडेन गैस एजेंसी, डीडीहाट