पिथौरागढ़/धारचूला। कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा मार्ग सहित चीन सीमा को जोड़ने वाले दोनों हाईवे छह घंटे बंद रहे। ऐसे में व्यास, दारमा और चौदास घाटी का संपर्क कटा रहा और दोनों तरफ सैकड़ों यात्री फंसे रहे। वहीं मलबा और बोल्डर आने से 13 ग्रामीण मोटर मार्गों पर भी यातायात ठप है इससे 15 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
मानसरोवर और आदि कैलाश को जोड़ने वाले तवाघाट-गुंजी हाईवे पर सोमवार तड़के करीब चार बजे मलघाट के पास फिर से भूस्खलन हो गया। सड़क बंद होने से व्यास घाटी को जाने और आने वाले अनेक वाहन रास्ते में फंस गए। बीआरओ की 65 आरसीसी के कर्मचारियों ने मलघाट के पास मलबा हटाकर करीब छह घंटे बाद 10 बजे के करीब यातायात सुचारु कराया।
वहीं दारमा, चौदास घाटी को जोड़ने वाले तवाघाट-टनकपुर नेशनल हाईवे पर कुलागाड़ में भी बैली ब्रिज निर्माण के चलते आवाजाही रोकनी पड़ी। पूरे दिन करीब छह घंटे तक आवागमन ठप रहने से यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस जगह पर 67 आरसीसी ग्रिफ की ओर से 170 फुट लंबे नए बेली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।
इस कारण भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील कुलागाड़ में कम समय के लिए ही वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। ऐसे में वाहनों के सुचारु आवागमन में परेशानी बनी हुई है। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मलघाट में बंद सड़क को सुबह ही खोल दिया गया जबकि कुलागाड़ में बीआरओ की ओर से कुछ समय अंतराल में ही वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। बैली ब्रिज बनने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
13 ग्रामीण सड़कों पर भी दिन भर ठप रहा यातायात
बारिश के बीच भूस्खलन से ग्रामीण मोटर मार्गों के बंद होने का सिलसिला जारी है। जनपद में पहले से बंद नौ सड़कों के अलावा सोमवार को चार और मार्ग जगह जगह भूस्खलन से बंद हो गए। सभी 13 सड़कों पर दिनभर यातायात ठप रहा। इनमें से कुछ सड़कें पिछले कई दिनों से बंद हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर वॉशआउट होने से इन मार्गों पर आवागमन सुचारु नहीं हो पा रहा है।