शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों में जड़े ताले
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सीईओ को धमकाने वाले निलंबित शिक्षक और उसके साथियों की 15 दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने से गुस्साए मिनिस्टीरियल कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों ने कार्य बहिष्कार करते हुए शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों में ताले जड़ दिए और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक काम पर न लौटने का ऐलान किया है। कार्यालयों में तालाबंदी से कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।
शनिवार को एजुकेशनल मिनिस्टीरियल कर्मचारियों के साथ ही शिक्षक संगठनों ने मुख्य शिक्षा, जिला शिक्षा सहित मूनाकोट, विण, कनालीछीना, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, बेरीनाग, गंगोलीहाट सभी विकासखंडों में खंड, उपखंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों में तालाबंदी की। उन्होंने कार्यालयों के बाहर धरना देते हुए कहा कि बीते आठ अगस्त को चंपावत में अटैच निलंबित शिक्षक ने अपने कुछ साथियों के साथ पिथौरागढ़ पहुंचकर सीईओ पर बहाली का दबाव बनाते हुए उन्हें धमकाया। उनके साथ अभद्रता की गई।
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सभी अधिकारियों, कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। आरोपी शिक्षक और उसके साथियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे। कार्यालयों में तालाबंदी से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। सीईओ कार्यालय में एजुकेशन मिनिस्टीरियल संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा, नवीन चंद्र पाठक, सौरभ चंद, जयंत भट्ट, हरीश चंद्र सिंह सेठी, निशा कन्याल, दीपा मेहता, किरन, प्रेमा पोखरियाा, किरन खाती, गायत्री किशोर सहित कई कर्मी और शिक्षक संगठन के पदाधिकारी शामिल रहे।