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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में गर्भवतियों की लेवल-टू जांच की सुविधा ठप

Thu, 10 Sep 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में गर्भवतियों के लिए लेवल-टू जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में जांच के लिए मैदानी क्षेत्रों के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिला महिला अस्पताल में हर माह औसतन 15 से 20 गर्भवतियां ऐसी पहुंचती हैं, जिन्हें लेवल-टू जांच की जरूरत होती है। अस्पताल प्रबंधन को उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
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लेवल-टू जांच के जरिए गर्भस्थ शिशु की शारीरिक संरचना और उसके विकास की विस्तृत जांच की जाती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि शिशु का विकास सामान्य रूप से हो रहा है या नहीं। किसी तरह की असामान्यता मिलने पर समय रहते आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाए जा सकते हैं। इसके बावजूद जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जिले में लंबे समय से लेवल-टू जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है। इससे गर्भवतियों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है और उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है।
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सामान्य अल्ट्रासाउंड कराना भी चुनौती
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में गर्भवतियों के लिए सामान्य अल्ट्रासाउंड कराना भी आसान नहीं है। जिला अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। ऐसे में जिलेभर की गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने की स्थिति में उन्हें बिना जांच के लौटना पड़ता है।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में लेबल-टू जांच की सुविधा नहीं है। जल्द ही इस सुविधा के उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है इसमें सफलता मिलेगी। -डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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